लखनऊ: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किसान यात्रा के दौरान हुए बवाल को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में किसानों की मांगें पूरी नहीं हुई हैं. तो जाहिर है कि किसान धरना देंगे और प्रदर्शन करेंगे. उन पर लाठीचार्ज करना, उन्हें खदेड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हम किसानों का पूरी तरह से समर्थन करते हैं. Also Read - Bihar Polls 2020: बिहार में पहले चरण के चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन, कई दिग्गजों की रैलियां- मतदान 28 को...

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सद्भाव खत्म कर रही बीजेपी Also Read - उद्धव का भाजपा से सवाल, 'बिहार के लिए टीका मुफ्त, बाकी राज्यों के लोग क्या बांग्लादेश से आये हैं'

जयंती के मौके पर महात्मा गांधी के तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि अगर बीजेपी की सरकार चलती रही तो देश से लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा. बीजेपी जाति-धर्म के नाम पर लोगों का परस्पर सद्भाव तोड़ती है. उन्होंने कहा कि इसके पीछे आरएसएस की विचारधारा है. भाजपा ने आर्थिक और सामाजिक संकट नए रूप में पैदा कर दिया है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी आंदोलन चलाया थे लेकिन बीजेपी ने स्वदेशी आंदोलन के नाम पर चीन के सामान से बाजार पाट दिए हैं.

दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों और पुलिस में झड़प, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े गए

आज दिल्ली में किसानों पर हुआ है लाठीचार्ज

बता दें कि आज भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसान दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यूपी बॉर्डर पर ही रोक लिया गया है. इस बीच पुलिस और किसानों के बीच हिंसक झड़प हुई. किसानों को दिल्ली में एंट्री से रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का प्रयोग किया. जब इससे बात नहीं बनी तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया और किसानों को भगाने की कोशिश की गई. किसानों और पुलिस के बीच ये गतिरोध जारी है. अरविंद केजरीवाल ने किसानों के साथ इस बर्ताव की आलोचना की है.

ये हैं किसानों की मांगें

किसान कर्जा माफी 60 साल की आयु के बाद पेंशन, पीएम फसल बीमा योजना में बदलाव, गन्ने की कीमतों का जल्द भुगतान, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन, आवारा पशुओं से फसल का बचाव, सभी फसलों की पूरी तरह खरीद हो. इसके अलावा किसान स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू करने की भी मांग कर रहे हैं. साथ ही गन्ने की कीमतों के भुगतान में देरी पर ब्याज की मांग भी शामिल है.