लखनऊ: गोरखपुर टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड रमेश शाह ने एटीएस की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया है. एटीएस को उसने पूछताछ में बताया कि उसे देश के अंदर से ही पैसे मिलते थे. दिल्ली, बिहार और उत्तरप्रदेश से उसे रुपए मुहैया कराए जाते थे. रमेश का नेपाल कनेक्शन भी उजागार हुआ है. रमेश शाह ने कई नामों के भी खुलासे किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है. बता दें कि कुछ दिन पहले यूपी एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस की मदद से पुणे से रमेश शाह को गिरफ्तार किया था. रमेश शाह से एटीएस के अलावा इंटेलिजेंस ने भी पूछताछ की है. पूछताछ के बाद रमेश शाह को हाई सिक्योरिटी जेल में भेज दिया गया है.

गोरखपुर टेरर फंडिंग नेटवर्क का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार, आतंकियों को पैसे बांटने का है आरोप

पूछताछ के दौरान रमेश शाह का नेपाल कनेक्शन भी उजागर हुआ है. वह लोगों से ऐप्स के जरिए फोन कॉल करता था. यह पूरा नेटवर्क जब आइडेंटिफाई हुआ तो 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उसके बाद रमेश शाह को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. एटीएस अधिकारी ने बताया था कि शाह के इशारे पर पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकवादी ऑपरेटरों के बीच एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आदान-प्रदान हुआ. बड़ी रकम मध्यपूर्व, जम्मू एवं कश्मीर, केरल से आती है और इसका वितरण विभिन्न राज्यों में किया जाता है. रमेश शाह बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है और वह बीते कई वर्षो से गोरखपुर का एक शॉपिंग मार्ट चला रहा था.

24 मार्च को 6 आरोपी गिरफ्तार हुए थे
24 मार्च को टेरर फंडिंग के मामले में गोरखपुर से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद रमेश शाह का नाम सामने आया था. रमेश शाह पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से सीधे संपर्क में था. इस काम के बदले रमेश शाह को मोटी रकम मिलती थी. इंटरनेट कॉल के जरिए जानकारी शेयर की जाती थी. साथ ही यह भी बताया जाता था कि पैसा किस अकाउंट में डालना है और सामने वाले ने किस अकाउंट में पैसा जमा करवाया है.