लखनऊ: प्रदेश सरकार की ओर से फसल का मुआवजा नहीं मिलने और कर्ज माफी नहीं होने से परेशान एक किसान ने मोहनलालगंज तहसील परिसर में अधिकारियों के सामने आत्मदाह की कोशिश की. किसान ने हाथ में तिरंगा लेकर नारे लगाते हुए अफसरों के सामने ही खद पर पेट्रोल उड़ेल लिया. यह देखकर अफसरों में हड़कंप मच गया. उन्‍होंने किसान को पकड़कर पेट्रोल व माचिस छीन लिया. इस दौरान मोहनलालगंज के एडीएम व एसडीएम ने पीड़ित की परेशानी जल्‍द दूर करने का आश्‍वासन दिया है. Also Read - Covid-19: सीएम योगी की फटकार के बाद हटाये गए 'छुट्टी मांगने वाले' नोएडा के DM, सुहास एलवाई नए जिलाधिकारी नियुक्त

बता दें कि यूपी की योगी सरकार ने विधानसभा चुनाव जीतते ही किसानों के कर्ज माफी की घोषणा की थी. इसके लिए योगी सरकार ने बीते साल ही कर्जमाफी को लेकर घोषणा की थी, लेकिन आज भी कई किसानों की कर्जमाफी नहीं हो सकी है. मंगलवार को लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील परिसर में अधिकारियों के सामने एक किसान हाथ में तिरंगा लेकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के सामने ही खुद पर पेट्रोल डाल लिया. किसान की हरकत देख आनन-फानन पुलिस कर्मियों ने पीड़ित को पकड़ कर पेट्रोल का डिब्‍बा और माचिस छीन लिया. इस दौरान मोहनलालगंज के एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित किसान को शासन स्तर पर स्वीकृत हर संभव मदद दिलाई जाएगी. Also Read - VIDEO: 83 साल के बुजुर्ग ने यूपी पुलिस से मांगी मदद, पुलिस अफसरों ने पहुंचकर खिलाई मिठाई

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किसान की इस कारण उठाया कदम
पीड़ित किसान कौशल किशोर निवासी बलसिहं खेड़ा ने बताया कि उसने बैंक से ढाई लाख का कर्ज लेकर धान लगाया था. फसल अच्छी थी, लेकिन सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से फसल बर्बाद हो गई. लगातार शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग कई वर्षों से मितौली ड्रेन (शारदा सहायक) की सफाई नहीं कर रहा था. बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद नहर का पानी उफनाने से उसके खेत सहित कई अन्य गरीब किसानों की फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो गई. किसान ने बताया कि एक माह पहले चार अगस्त को मोहनलालगंज तहसील दिवस में एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर कर्ज माफी के साथ बर्बाद हुई फसल का मुआवजा शासन से दिलाने की गुहार लगाई थी, लेकिन सरकार की तरफ से कोई मदद मिली और न ही मदद का कोई भरोसा मिला. मजबूरन आत्मादाह करने जैसा कदम उठाना पड़ा.