लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि परिवहन विभाग को निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) के मॉडल पर काम करने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के बीच अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के लिए पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि परिवहन विभाग को पीपीपी मॉडल पर काम करने की आवश्यकता है.

लोगों को मिलेगी बेहतर बस सेवा
उन्होंने कहा कि इससे जहां आमजन को बेहतर परिवहन सेवायें मिल सकेंगी वहीं परिवहन विभाग का भी लाभांश बढ़ेगा. इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद थे. योगी ने कहा कि परिवहन विभाग को पुलिस तथा लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय कर यातायात से जुड़े जागरुकता के कार्यक्रम चलाने चाहिए. इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है.

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बसों को झंडी दिखाकर किया रवाना
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 51 प्रयागराज कुम्भ शटल बसों व 3 सीएनजी बसों को झण्डी दिखाकर रवाना भी किया. उन्होंने कहा कि यह परिवहन समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने वाला है. प्रदेश सरकार अतर्राष्ट्रीय परिवहन को बढ़ावा देने का काम भी कर रही है. योगी ने कहा कि संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. संवाद समाधान का सबसे अच्छा रास्ता है. उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के मध्य कई विवाद थे, उन सभी विवादों का निस्तारण विराट सोच का परिणाम है. उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सकारात्मक रुख के कारण यह समझौता सम्भव हो सका.

इन जगहों के लिए हुआ समझौता
ज्ञातव्य है कि इस समझौते से दिल्ली-ऋषिकेष, दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-कोटद्वार, दिल्ली-हल्द्वानी, दिल्ली-हरिद्वार, मथुरा-हरिद्वार, आगरा-सहारनपुर-देहरादून, आगरा-मेरठ-ऋषिकेश, मुरादाबाद-हल्द्वानी, मुरादाबाद-हरिद्वार-सहारनपुर, अलीगढ़-हल्द्वानी, बरेली-हरिद्वार, लखनऊ-देहरादून, कानपुर-ऋषिकेश, बहराईच- रूपैडिहा-हरिद्वार, वाराणसी-लखनऊ-बरेली-हरिद्वार, मथुरा-जयपुर -मथुरा-हरिद्वार, दिल्ली- मुरादाबाद-बनबसा-महेन्द्रनगर (नेपाल) आदि स्थान सीधे बस सेवाओं से जुड़ जाएंगे. इस समझौते के तहत 216 मार्गों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में प्रतिदिन कुल 13,9071 किलोमीटर तथा उत्तराखण्ड राज्य परिवहन निगम द्वारा उत्तर प्रदेश के 335 मार्गों पर प्रतिदिन कुल 252592 किलोमीटर दूरी तक बसों का संचालन किया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने नवीनीकृत जनता दर्शन हाल एवं नव निर्मित कांन्फ्रेंस रूम का बटन दबाकर लोकार्पण भी किया.