लखनऊ: पुलिस की गोली का शिकार हुए विवेक तिवारी के परिजनों की कुछ मांगें मान ली गई हैं. विवेक की पत्नी को 25 लाख रुपए और नौकरी दिए जाने की घोषणा हुई है. इसके साथ कहा गया है कि घटना की जांच 30 दिन के अंदर पूरी हो जाएगी. लखनऊ डीएम ने ये घोषणा करते हुए कहा है कि ये मांगें मानते हुए लिखित में आश्वासन दिया गया है. अगर परिजन घटना की सीबीआई जांच चाहते हैं तो ऐसा भी किया जाएगा. वहीँ, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घटना की जांच कर दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी. Also Read - coronavirus cases in uttar pradesh: सामने आए 30 नए मामले, 26 तबलीगी जमात से जुड़े लोग, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

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बता दें कि विवेक की पत्नी ने शासन से दोषियों पर कार्रवाई के साथ ही मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपए की मांग की थी. इसके साथ ही पत्नी ने पुलिस विभाग में ही नौकरी की मांग की थी. परिजनों की मांग थी कि सरकार घर भी दे और बच्चों की पढ़ाई की भी जिम्मेदारी ले. फिलहाल सरकार की ओर से नौकरी और 25 लाख रुपए देने की बात कही गई है. समझाए जाने के बाद परिजन विवेक का अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गए हैं. विवेक का रविवार सुबह आठ बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा. Also Read - यूपी के 68 पुलिसवालों ने मुंड़वाए सिर, COVID-19 को हराने का लिया संकल्प

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बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर थाना इलाके में विवेक तिवारी को यूपी पुलिस के कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने गोली मार दी थी. शुक्रवार-शनिवार की रात हुई इस घटना के बाद विवेक तिवारी को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. कांस्टेबल की गोली से कार में बैठे विवेक तिवारी की कार में ही मौत हो गई थी. घटना की जांच के लिए यूपी सरकार ने जांच कमिटी गठित की गई है. घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और बीजेपी सरकार पर बड़े सवाल उठे रहे हैं.

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यूपी पुलिस पिछले कुछ समय से लगातार एनकाउंटर कर रही है. पुलिस का कहना है कि अपराधियों के एनकाउंटर करने से अपराध कम हो रहे हैं. इस मामले में पहले यूपी पुलिस ने कहा था कि विवेक तिवारी कार में संदिग्ध अवस्था में थे. कार रोकने को कहने पर नहीं रुके. पुलिस की बाइक पर कार चढ़ाने का प्रयास किया, इसलिए रक्षा में पुलिस ने गोली चला दी. वहीँ, बाद में यूपी पुलिस के आलाधिकारियों ने घटना की निंदा की. आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

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