लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अवैध तरीके से मानव रक्त निकालकर उसे कथित रूप से मिलावट के जरिये दोगुना करके बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करके उसके 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.

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एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि खून में सेलाइन वाटर की मिलावट के जरिये उसे दोगुना करके अवैध ब्लड बैंक चलाने वाले एक गिरोह के लखनऊ में सक्रिय होने की सूचना पर एसटीएफ ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के साथ लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके स्थित एक मकान पर छापा मारा. उन्होंने बताया कि मौके से राशिद अली, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नसीम, पंकज कुमार त्रिपाठी और हनी निगम नामक व्यक्तियों को पकड़ा गया. उनसे विस्तृत पूछताछ में पता चला कि वे सीतापुर मार्ग स्थित मक्कागंज में भी अवैध ब्लड बैंक चलाते हैं. उनकी निशानदेही पर निशातगंज में भी एक स्थान पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया गया. वे पुलिस एवं जनता को झांसा देने के लिए बदल-बदल कर कई जगहों पर अवैध ब्लड बैंक चलाते थे.

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सेलाइन वाटर मिलाकर एक यूनिट से खून से बनाता था दो यूनिट
मुख्य अभियुक्त नसीम ने बताया कि वह अपने घर पर ही कुछ पेशेवर रक्तदाताओं, जिनमें नशा करने वाले लोग शामिल हैं, को कुछ पैसों का लालच देकर उनका खून निकालता था और उसमें सेलाइन वाटर मिलाकर एक यूनिट से दो यूनिट खून बना लेता था. उसे वह दो से तीन हजार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेच देता था. वह शहर के नामी ब्लड बैंकों के फर्जी लेबल और फार्म तैयार करता था. अभियुक्तों के कब्जे से 35 ब्लड बैग, 11 सीपीपी प्लेटलेट बैग, 30 एचआईवी किट, जाली ब्लड बैग के 11 हजार लेबल और चार जाली स्टाम्प पेपर इत्यादि चीजें बरामद की गयी हैं. (इनपुट एजेंंसी)