लखनऊ: एपल इंडिया कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी को कार नहीं रोकने पर जान लेने वाले यूपी पुलिस के सिपाहियों के समर्थन में सोशल मीडिया पर अभियान शुरू हो गया है. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार एक करोड़ रुपए की मांग के अनुरूप विवेक के पीड़ित परिजनों को 25 लाख रुपए देने का ही आश्वासन दे पाई, वहीं, यूपी पुलिस ने गोली मारने वाले पुलिसकर्मियों की मदद के लिए 5 करोड़ रुपए की सहायता देने का ऐलान कर दिया है. यूपी पुलिस के पुलिसकर्मियों ने इसके लिए फेसबुक पर लंबा पोस्ट लिखा है. पोस्ट में गोली मारने वाले पुलिसकर्मियों का बैंक अकाउंट नंबर दिया गया है. लोगों ने इन बैंक अकाउंट्स में रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करना भी शुरू कर दिए हैं. रुपए ट्रांसफर करने के बाद लोग पोस्ट पर ही इसका स्क्रीन शॉट भी शेयर कर रहे हैं. ऐसा करने वाले संभवतः सभी पुलिसकर्मी ही हैं. Also Read - coronavirus cases in uttar pradesh: सामने आए 30 नए मामले, 26 तबलीगी जमात से जुड़े लोग, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

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कार नहीं रोकने पर प्रशांत ने मारी थी गोली
शुक्रवार-शनिवार की रात विवेक तिवारी मोबाइल लॉन्चिंग के बाद घर लौट रहे थे. इसी दौरान गोमती नगर विस्तार में दो पुलिस कर्मियों ने कार रोकने का इशारा किया. रात अधिक होने और सहयोगी सना खान साथ होने के कारण विवेक ने कार नहीं रोकी तो प्रशांत चौधरी एक अन्य पुलिसकर्मी ने बाइक आगे लगाकर उन्हें रुकने पर मजबूर किया और फिर गोली मार दी. इससे विवेक की मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस वाले मौके से भाग गए थे. दोनों के नाम जगजाहिर हैं, इसके बाद भी यूपी पुलिस ने घटना की एफआईआर में दोनों को नामजद नहीं करते हुए अज्ञात लिखा है. Also Read - यूपी पुलिस टीम पर भीड़ ने किया हमला, IPS अफसर घायल, पुलिस चौकी जलाने की कोशिश

वीर पाल सिंह नाम के पुलिस कर्मी ने इसे सबसे पहले शेयर किया.

वीर सिंह नाम के पुलिस कर्मी ने इसे सबसे पहले शेयर किया.

 

नौकरी और आर्थिक सहायता की थी मांग
घटना के बाद परिजनों ने सरकार से 1 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता, नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाए जाने की मांग की थी. इस पर देर शाम प्रशासन ने सहमति जता दी. घोषणा की गई थी कि कल्पना को लोअर पीसीएस रैंक की नौकरी और 25 लाख रुपए दिए जाएंगे. कुछ और भी मांगें थीं जो मानी गईं. इसके बाद परिजन विवेक का अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गए थे. आज विवेक का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है.

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गोली मारने वालों के समर्थन सोशल मीडिया पर अभियान
गोली मारने वाले प्रशांत और उसकी पत्नी ने शनिवार की शाम ये कहते हुए थाने में हंगामा मचाया था कि पुलिस उसकी एफआईआर नहीं लिख रही है. अब प्रशांत और संदीप के समर्थन में अभियान शुरू हो गया है. पुलिसकर्मी वीर सिंह राजू ने आज (रविवार) करीब 12 बजे फेसबुक पर पोस्ट शेयर किया. फेसबुक पर दी गई जानकारी के अनुसार वीर सिंह यूपी पुलिस में है. और लखनऊ में ही तैनात है. पोस्ट के बाद लोगों ने रुपए भी भेजना शुरू कर दिए हैं. 100 से 1000 रुपए तक अकाउंट में भेजे जा रहे हैं. सुबूत के तौर पर स्क्रीन शॉट भी कमेंट बॉक्स में शेयर किए जा रहे हैं.

लोगों ने रुपए भेजना भी शुरू कर दिए हैं.

लोगों ने रुपए भेजना भी शुरू कर दिए हैं.

 

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ये लिखा पोस्ट, कहा- फिर हमें असलहा क्यों दिया
वीर सिंह ने पोस्ट में लिखा है कि ‘हम अपने भाई प्रशांत को देंगे 5 करोड़. घटना से हम सब वाकिफ हैं. किसी भी अधिकारी और बिकाऊ मीडिया ने प्रशांत के फेवर में कुछ नहीं बोला. फिर हमें असलहा क्यों दिया गया. हम अपनी आत्मरक्षा के लिए उसे चला भी नहीं सकते अगर.’ हमारे दोनों भाई को इंसाफ के लिए सबको सहयोग करना पड़ेगा. इससे हम सभी अच्छा वकील खड़ा कर सकें. अकाउंट नंबर हमारे भाई प्रशांत की पत्नी का है. कृपया सहयोग करें.’ इस पोस्ट को पुलिस कर्मी रोहित पाल सहित अन्य लोगों ने भी शेयर किया है. बड़ा सवाल है कि सरकार कार्रवाई की बात कह रही है, इसके बाद भी पुलिस का इंकलाब इतना कैसे बुलंद हो गया कि नौकरी में रहते हुए और गलत करने के बाद भी पुलिस ही आरोपियों के समर्थन में इस तरह से खुलेआम उतर आई है.

ADG लखनऊ बोले- अगर नहीं माने को कार्यवाही होगी
पुलिस कर्मियों के इस अभियान को लेकर ADG जोन लखनऊ राजीव कृष्णा ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे पुलिसकर्मी होंगे जिन्हें इस घटना की पूरी जानकारी नहीं होगी। उनसे कहा जाएगा कि वो इस तरह की चीज़ें न करें. डिस्टर्बेंस फैलाने वालो को समझाया जाएगा, अगर फिर भी नहीं मानते हैं तो कार्यवाही की जाएगी.