महोबा: अच्छी खासी तनख्वाह मिलने के बाद भी घूसखोरी को एक्स्ट्रा इनकम का जरिया बनाना एक ड्रग इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया. यूपी के महोबा जिले में ड्रग इंस्पेक्टर सिर्फ 45 हजार रुपए में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस देने के लिए तैयार हो गया. एंटी करप्शन टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया. जिस तरह से टीम उसे पकड़ कर ले गई उससे ड्रग इंस्पेक्टर की अफसरशाही धरी रह गई.

सिर्फ 45 हजार में बिक गया ड्रग इंस्पेक्टर
रमेश लाल गुप्ता महोबा जिले में ड्रग इंस्पेक्टर के तौर पर तैनात है. बताया जा रहा है कि महोबा के ही डॉ. ऋषि चौरसिया से मेडिकल स्टोर की अनुमति के लिए घूस मांग रहा था. 45 हजार के एवज में वह मेडिकल स्टोर की परमीशन देने को कह रहा था. इस पर ऋषि चौरसिया ने इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दी. झांसी से महोबा पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने पूरी योजना बनाते हुए रुपए दिलवाए. एक होटल में जैसे ही ड्रग इंस्पेक्टर ने रुपए लिए, वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने छापा मारते हुए ड्रग इंस्पेक्टर को पकड़ लिया. मौके से नोट भी बरामद कर लिए जो लिए जा रहे थे.

योजनाबद्ध तरीके से पकड़ा
एंटी करप्शन टीम के अनुसार शिकायत मिली थी कि घूस ली जा रही है. रंगे हाथों पकड़ा है. मामले में ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. एंटी करप्शन टीम के अनुसार जिनसे रुपए मांगे जा रहे थे, उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया था. इसके बाद योजना बद्ध तरीके से इंस्पेक्टर को पकड़ा गया है.