Mainpuri Lok Sabha Election: डिंपल यादव बचा पाएंगी विरासत या BJP प्रत्याशी के सिर बंधेगा जीत का सेहरा, जानें- क्या है मैनपुरी का समीकरण?

Mainpuri Lok Sabha Election 2024: मैनपुरी का समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है. यह सीट ज्यादातर समाजवादियों के पास रही है. यहां से भाजपा का कभी खाता नहीं खुला है. बीते उपचुनाव में डिंपल यादव लगभग तीन लाख वोटों से जीती थीं.

Written by: Manoj Yadav
Updated: March 29, 2024, 5:14 PM IST

Mainpuri Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election 2024) की घोषणा होते ही सभी पार्टियां लोकसभा चुनाव 2024 में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के जुगत में लगी हैं. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं, जिनमें से मैनपुरी लोकसभा सीट काफी हॉट मानी जाती रही है. वर्तमान में मैनपुरी लोकसभा सीट (Mainpuri Lok Sabha Seat) से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव (Dimple Yadav) लोकसभा सदस्य हैं. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी, तो उपचुनाव में डिंपल यादव को यहां पर लगभग तीन लाख मतों से जीत हासिल हुई थी. भाजपा ने रघुराज सिंह शाक्य को चुनाव लड़ाया था जिन्हें उपचुनाव में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था. मैनपुरी लोकसभा सीट को सपा का गढ़ माना जाता है.

मैनपुरी लोकसभा सीट (Mainpuri Lok Sabha Seat) के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं. इसमें मैनपुरी, भोगांव, किश्नी (सुरक्षित), करहल और जसवंत नगर. इनमें से तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है. मैनपुरी और भोगांव भाजपा के कब्जे वाली सीटें हैं. वहीं अन्य तीन सीटों किश्नी, करहल और जसवंत नगर पर समाजवादी पार्टी काबिज है. इनमें से करहल सीट से अखिलेश यादव खुद विधायक हैं और जसवंत नगर सीट से उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं, जो इस बार बदायूं लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं.

मैनपुरी लोकसभा सीट (Mainpuri Lok Sabha Seat) का समीकरण

मैनपुरी लोकसभा में कुल 17 लाख तीस हजार मतदाता हैं, जिसमें से 45 फीसदी अकेले यादव मतदाता हैं. इसके अलावा शाक्य भी ठीक-ठाक संख्या में हैं. मैनपरी में ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और मुस्लिम मतदाता भी हैं.

मैनपुरी लोकसभा सीट (Mainpuri Lok Sabha Seat) का इतिहास

मैनपुरी लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से अभी तक 20 बार चुनाव हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर समय यह मुलायम सिंह के परिवार या उनके चहते प्रत्याशी के पास रही है. इस सीट पर चार बार कांग्रेस को जीत मिली है. एक बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को तीन बार जनता पार्टी और एक बार जनता दल के खाते में मैनपुरी लोकसभा सीट रही है.

सपा को 1996 में पहली बार मिली जीत

मैनपुरी लोकसभा सीट पर 1996 में मुलायम सिंह यादव को पहली बार जीत मिली थी. उसके बाद 1998 और 1999 में बलराम सिंह यादव सपा से जीते. 2004 में मुलायम सिंह यादव स्वयं जीते. 2004 में मुख्यमंत्री बनने के बाद जब मुलायम सिंह यादव ने इस्तीफा दिया तो उपचुनाव में धर्मेंद्र यादव इस सीट से जीतने में कामयाब रहे. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में मुलायम सिंह यादव फिर से यहां से सांसद बने. 2014 में मुलायम सिंह यादव दो सीटों आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव लड़े थे और दोनों सीटों से चुनाव जीतने के बाद मैनपुरी सीट से इस्तीफा दे दिए और आजमगढ़ की सीट अपने पास रखे. 2014 के उपचुनाव में मुलायम सिंह के पोते तेजप्रताप यादव यहां से सांसद बने. लेकिन 2019 में मुलायम सिंह यादव यहां से फिर से चुनाव जीते. लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले उनका निधन हो गया, जिसके बाद उनकी पुत्रबधू डिंपल यादव की जनता हाथोहाथ लिया.

मैनपुरी लोकसभा सीट पर कब है चुनाव?
चुनाव की तारीख फेज इंडिया उम्मीदवार एनडीए उम्मीदवार
7 मई तीसरा डिंपल यादव जयवीर सिंह

2022 मैनपुरी उपचुनाव के नतीजे

मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट खाली हो गई तो 2022 में यहां पर उपचुनाव कराया गया. जिसमें सपा से डिंपल यादव और भाजपा से रघुराज सिंह शाक्य चुनाव मैदान में थे. डिंपल यादव को कुल 6,18,120 (64.08 फीसदी) वोट मिले, जो मुलायम सिंह यादव को मिले वोट से 10 फीसदी अधिक था. वहीं, रघुराज सिंह शाक्य को 3,29,659 (34.18 फीसदी) वोट मिले, जो 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मिले वोट से लगभग 10 फीसदी कम था. 2022 के उपचुनाव में कुल 9,64,842 (55.12 फीसदी) मतदान हुआ था. इस तरह से डिंपल यादव को लगभग तीन लाख मतों से जीत हासिल हुई थी.

किस फेज में कितनी सीटों पर होगी वोटिंग
चुनाव की तारीख फेज सीट
19 अप्रैल पहला 102
26 अप्रैल दूसरा 89
7 मई तीसरा 94
13 मई चौथा 96
20 मई पांचवां 49
25 मई छठा 57
1 जून सातवां 57

2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे

मैनपुरी लोकसभा सीट पर 2019 में कुल 9,78,261 (56.77 फीसदी) मतदान हुआ था, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में हुए मतदान से लगभग 4.55 फीसदी कम था. इसमें से मुलायम सिंह यादव कुल 524,926 (53.75 फीसदी) वोट मिले थे. वहीं भाजपा प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य को 4,30,537 (44.09 फीसदी) वोट मिले थे. इस चुनाव में भाजपा का वोट लगभग 11.30 फीसदी बढ़ा था और सपा का वोट 10.71 फीसदी घटा था. कांग्रेस के सवेंद्र सिंह को महज 0.27 फीसदी ही वोट मिले थे.

2014 लोकसभा उपचुनाव के नतीजे

2014 के लोकसभा उपचुनाव में कुल 10,14,232 (61.33 फीसदी) मतदान हुआ था, जिसमें से सपा के तेजप्रताप यादव को 6,53,786 (64.46 फीसदी) वोट मिले थे. वहीं भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य को 3,32,537 (32.79 फीसदी) वोट मिले थे. इस तरह से सपा को इस सीट पर मैनपुरी के इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल हुई थी. तेजप्रताप यादव ने भाजपा प्रत्याशी को 3,21,249 मतों से पराजित किया था.

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