सीतापुर : जिले में आदमखोर कुत्तों का आतंक कायम है शुक्रवार की सुबह आदमखोर कुत्तों के झुण्ड ने 4 बच्चों पर हमला कर दिया और 2 बच्चों को नोच कर खा गए इस हमले में जीवित बचे 2 बच्चे बच्चे गंभीर रुप से जख्मी हो गए. हमले में घायल दोनों बच्चे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. यह घटनाएं शहर कोतवाली के खैराबाद इलाके में हुई.

कुत्तों के आतंक के आगे प्रशासन बेबस

सीतापुर जिले में पिछले लगभग 6 माह से आदमखोर कुत्तों ने आतंक फैलाया हुआ है . इन खूंखार कुत्तों पर काबू पाने में प्रशासन लगातार बेबस और नाकाम दिख रहा है. वैसे तो इन आदमखोर कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रशासन द्वारा मथुरा जिले से टीम बुलाई गई है लेकिन अभी तक इन कुत्तों के आतंक में कोई कमी नहीं आई है.
पिछले 6 माह में 1 दर्जन से ज्यादा बच्चे कुत्तों का निवाला बने और दर्जनों घायल हुए
सीतापुर जिले के खैराबाद इलाके में इन आदमखोर कुत्तों का आतंक लगातार बना हुआ है और वहां के निवासी इस दहशत के अंतर्गत जीने को मजबूर हैं. 3 दिन पूर्व भी 3 बच्चे दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से इन कुत्तों का शिकार हो गए थे. वर्तमान घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह गांव के बाहर शौच के लिए गए दो बच्चों को आदमखोर कुत्तों ने हमला कर मार दिया और दो बच्चे गंभीर रुप से जख्मी हो गए. एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी ने कहा है कि प्रशासन इन कुत्तों के आतंक पर जल्द से जल्द अंकुश लगाने का पूरा प्रयास कर रहा है.

जब तक गांव वाले बचाने आते कुत्तों का निवाला बन गई मासूम

गौरतलब है कि पिछले 6 महीने से खैराबाद जिले के निवासी आदमखोर कुत्तों के आतंक से लगातार दहशत में जी रहे हैं. शुक्रवार की सुबह खैराबाद के गांव मासूमपुर निवासी 7 वर्षीय गीता गांव के दो अन्य बच्चों के साथ शौच के लिए गांव के बाहर गई थी. उसी दौरान अचानक कुत्तों के झुंड ने गीता को घेरकर हमला कर दिया. साथ के बच्चों ने भाग कर गांव वालों को बुलाया तब तक कुत्तों ने गीता को मार दिया था.

आदमखोर कुत्तों का आतंक

गीता के बाद मासूम वीरेंद्र बना कुत्तों का शिकार
इसके बाद कुत्तों ने बुढ़ानपुर गांव के बाहर शौच के लिए गए 10 वर्षीय वीरेंद्र पर हमला कर मार डाला. वहीं शहर कोतवाली क्षेत्र के चौबेपुर की निवासी इंटर की छात्रा पिंकी पर स्कूल जाते समय और पीरपुर निवासी 8 वर्षीय रिंकल पर खेतों पर जाते समय कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया. घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है.

1 घंटे के अन्तराल पर घटी घटनाएं

1 घंटे के भीतर दो बच्चों की मौत होने तथा दो अन्य को घायल करने के बाद से ग्रामीणों में दहशत अत्यधिक बढ़ गई है. कुत्तों के आगे लाचार प्रशासन मथुरा से बुलाई गई टीम के कुत्तों के पकड़ने के अभियान पर लगी है लेकिन बहुत कम समय में घटित इन घटनाओं ने प्रशासन के तौर-तरीकों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है.

एनिमल वेलफेयर की गाइड लाइन भी बाधक

एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस के अनुसार आवारा कुत्तों को मारा नहीं जा सकता सिर्फ स्टेराइल कर सकते हैं, आवारा कुत्तों को उनके एरिया से बाहर भी नहीं छोड़ा जा सकता है स्थानीय लोगों का कहना है कि योगी सरकार की सख्ती के बाद अवैध बूचड़खाने बंद हो गए, जिससे जानवरों के मांस खाने के आदी कुत्ते इंसानों का मांस खाने लगे. इन खतरनाक कुत्तों के लिए बच्चे सबसे आसान शिकार होने लगे. आवारा कुत्तों को उनके एरिया से बाहर भी नहीं छोड़ा जा सकता है.इन आदमखोर कुत्तों से निपटने में शासन और प्रशासन दोनों ही नाकाम रहे हैं.