'तेरहवीं' के दिन अचानक घर पहुंच गया शख्स, महाकुंभ भगदड़ के बाद से था लापता; दोस्तों ने की थी ब्रह्मभोज की तैयारी तभी...

मौनी अमावस्या भगदड़ के बाद जब शख्स काफी दिनों तक घर नहीं पहुंचा तो उसे मृत मान लिया गया. घर में ब्राह्मण भोज की तैयारी चल रही थी, तभी खूंटी गुरु ने वहां उपस्थित होकर लोगों को चकित कर दिया.

Published date india.com Published: February 14, 2025 1:35 PM IST
'तेरहवीं' के दिन अचानक घर पहुंच गया शख्स, महाकुंभ भगदड़ के बाद से था लापता; दोस्तों ने की थी ब्रह्मभोज की तैयारी तभी...

Maha Kumbh Mela: संगम नगरी प्रयागराज में जारी महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुए भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 60 से ज्यादा घायल हो गए. कुंभ गया एक शख्स भगदड़ के बाद से लापता था और घर वापस नहीं लौटा तो परिवार वालों और दोस्तों ने उसे मृत समझ लिया. इसके बाद उसके तेरहवीं भोज की प्रक्रिया शुरू की गई. घर में ब्राह्मण भोज की तैयारी चल रही थी, तभी फक्कड़ स्वभाव के खूंटी गुरु (65) ने वहां उपस्थित होकर लोगों को चकित कर दिया.

भगदड़ के बाद से लापता थे खूंटी गुरु

खूंटी गुरु मौनी अमावस्या को हुई भगदड़ के बाद से लापता थे. कई दिन तक उनका कोई पता नहीं चल पाया, जिसके बाद उनके दोस्तों ने 13 ब्राह्मणों को भोज देने की तैयारी की थी. भोज देने की तैयारी चल ही रही थी कि ई-रिक्शा से खूंटी गुरु घर पहुंच गए. दोस्तों में उन्हें जीवित खुशी की लहर दौड़ गई. जीरो रोड इलाके में रहने वाले समाजसेवी बाबा अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान करने के लिए गए थे. मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ के बाद से वह घर नहीं लौटे, मोहल्ले के उनके साथियों ने कई दिनों तक उनका इंतजार किया.

A rural village scene where people are preparing for a feast. An elderly man arrives on a rickshaw, carrying a bag, and the villagers around him look surprised. The setting includes traditional decorations, cooking preparations, and an open area with people gathered. The expressions of the villagers convey curiosity and astonishment.

अचानक पहुंच गए घर

अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु फक्कड़ किस्म के व्यक्ति हैं और भजन में अपना समय व्यतीत करते हैं. उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं है. उन्होंने बताया, ‘भगदड़ की घटना के 12 दिन बीत जाने पर मोहल्ले के लोगों को आशंका हुई कि खूंटी गुरु के साथ कोई अनहोनी हो गई होगी और पिछले मंगलवार को लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ब्राह्मण भोज कराने की तैयारी की थी, तभी ई-रिक्शा से खूंटी गुरु घर पहुंच गए.’

खुद बताया कहां थे इतने दिन

अवस्थी ने बताया, ‘सभी उन्हें देखकर चकित रहे गए. बाद में भोज के लिए बना खाना खूंटी गुरु की सकुशल वापसी की खुशी में लोगों ने आपस में बांटकर खा लिया.’ उन्होंने बताया कि खूंटी गुरु से जब पूछा गया कि वह इतने दिन कहां थे, तो उन्होंने बताया कि वह मेले में नागा साधुओं के यहां भजन और भोजन कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उनको वहां बड़ा आनंद आ रहा था, इसलिए वह इतने दिन वहीं टिके रहे. अभय अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु अविवाहित हैं और उनके परिवार में केवल एक बहन है जिनका विवाह हो चुका है.

(इनपुट: भाषा)

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