मेरठ. मेरठ नगर निगम में वंदेमातरम् पर एकबार फिर विवाद हुआ है. नगर निगम में वंदे मातरम् गाने को लेकर बीजेपी और बीएसपी के पार्षद आपस में भिड़ गए. निगम की पहली बोर्ड बैठक में राष्ट्रीय गीत का फिल्मी वर्जन चलाए जाने की खबर है. ऐसा बताया जा रहा है कि बैठक शुरू होते ही बीजेपी के पार्षदों ने इसे चलाया जिसपर बीएसपी के पार्षदों ने सख्त ऐतराज जताया. इसके बाद दोनों पार्टी के पार्षदों के बीच हाथापाई की भी नौबत आई. टीवी चैनलों पर चलाई जा रही फुटेज में पुलिसकर्मी पार्षदों को एक-दूसरे से अलग कर शांत कराने की कोशिश करते दिखाई दिए. 

Meerut: BSP Mayor Revokes BJP’s Order on Compulsory Singing of Vande Mataram | बीएसपी की मेयर ने कहा, ‘बैठकों में नहीं होगा वंदे मातरम् का गान’

Meerut: BSP Mayor Revokes BJP’s Order on Compulsory Singing of Vande Mataram | बीएसपी की मेयर ने कहा, ‘बैठकों में नहीं होगा वंदे मातरम् का गान’

एक दिन पहले ही मुजफ्फरनगर में भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है. मेरठ नगर निगम में वंदे मातरम् पर माहौल बीते कुछ सालों से गर्म होता रहा है. हाल के निकाय चुनाव में यहां से बीएसपी की सुनीता वर्मा मेयर का चुनाव जीती थीं. बीएसपी की मेयर ने जीत के बाद ही साफ कर दिया था कि निगम की बोर्ड बैठक में राष्ट्रगीत वंदेमातरम का गान नहीं कराया जाएगा, हालांकि बैठक में राष्ट्रगान की परंपरा को पूर्ववत् निभाया जाता रहेगा. मेरठ नगर निगम में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी तब बवाल मचा जब बीएसपी मेयर सुनीता वर्मा वंदे मातरम के दौरान बैठी रही थीं.

दरअसल, मेरठ नगर निगम की बोर्ड बैठक में राष्ट्रगीत वंदेमातरम के गान को लेकर अक्सर बीजेपी के महापौर-पार्षदों और बीएसपी, एसपी आदि अन्य दलों के मुस्लिम पार्षदों में अक्सर टकराव की स्थिति बनती थी. पूर्व में बीजेपी के मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने एक बोर्ड बैठक में वंदे मातरम् नहीं गाने वाले पार्षदों की सदस्यता खत्म करने की चेतावनी देते हुए सदन में प्रस्ताव भी पास करा दिया था, जिसे लेकर पूरे प्रदेश में बवाल मचा था. 

मेरठः वंदे मातरम के दौरान बैठी रहीं बीएसपी की मेयर, बीजेपी का हंगामा

मेरठः वंदे मातरम के दौरान बैठी रहीं बीएसपी की मेयर, बीजेपी का हंगामा

गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी ने निकाय चुनाव में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए मेरठ नगर निगम की सीट भाजपा से छीन ली थी. मेरठ नगर निगम के महापौर पद पर बसपा की सुनीता वर्मा ने कब्जा जमाया था. सुनीता ने भाजपा की कांता कर्दम को करीब 25 हजार वोट से हराया था. सुनीता वर्मा के पति पूर्व विधायक योगेश वर्मा हैं.