मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश के नागरिकों को यहां की एक अदालत ने ढाई साल कैद की सजा सुनाई है. सजा पाने वालों में पांच पुरुष तथा बारह महिलाएं शामिल हैं. इन सभी को गत वर्ष 12 अप्रैल को पकड़ा गया था.Also Read - नए कप्तान रोहित शर्मा के नेतृत्व में टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, वनडे में मिला चौथा पायदान

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सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जनपद की खुफिया शाखा के निरीक्षक केपी कौशिक की रिपोर्ट के आधार पर हाईवे थाना पुलिस ने सराय आजमाबाद के निकट झोपड़ियां बना कर रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में पकड़ा गया था. पुलिस ने इस सभी के खिलाफ सुबूत एकत्र कर विदेशी अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) अमित कुमार तिवारी की अदालत में आरोप-पत्र पेश किया. Also Read - ड्रैगन की चाल के बीच बांग्लादेश ने भारत को चटगांव बंदरगाह के इस्तेमाल की पेशकश की

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इस मामले में अभियोजन अधिकारी प्रशांत मिश्र द्वारा सात गवाह पेश किये गए. जिनकी गवाही के आधार पर न्यायालय ने सोमवार को सभी बांग्लादेशियों को ढाई साल कैद की सजा सुनाई. सजा पाने वाले बांग्लादेशियों में बिलाल हुसैन, शमीम, शरीफ, आफताब, आरिफ, शरीफा, बुलबुली, पारू मुक्ता, तसलीम, रेनू, मीराना, रूपाली, रेशमा, नजमा, जमीना और शाहेनूर शामिल हैं.