मथुरा: मशहूर भजन विनोद अग्रवाल नहीं रहे. मथुरा के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया. उनका पार्थिव शरीर उनके मथुरा स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है. वह कई दशकों से लोकप्रिय भजन गायक के तौर पर स्थापित थे. देश ही नहीं उनके भजन विदेशों में भी सुने जाते थे. वह बचपन में ही अपने परिवार के साथ मुंबई चले गए थे. उन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र से भजन गाना शुरू किया. और धीरे-धीरे लोकप्रियता हासिल कर ली. उन्होंने कृष्ण भक्ति से सराबोर ‘आंखों में नमी है, हर सांस कह रही है, फिर तेरी कमी है.. जैसे भजन गाए.

बताया जा रहा है कि विनोद अग्रवाल कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे. अस्पताल के अनुसार, उनके कई अंगों ने धीरे धीरे काम करना बंद कर दिया था. इसी के चलते आज सुबह चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.

बता दें कि विनोद अग्रवाल का जन्म दिल्ली में 6 जून 1955 को हुआ था. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी भजन गायन में लगा दी. देश ही नहीं पूरी दुनिया में उनके प्रशंसक थे. पूरी दुनिया में उनके प्रोग्राम होते थे. उनके निधन से परिवार और उनके प्रशसंकों में शोक की लहर दौड़ गई. उनके बीमार होने की खबर पिछले कुछ से सुर्ख़ियों में थीं. लोग उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे.