लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में एक पुलिस चौकी प्रभारी सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों पर गांजा तस्करी के शक में कार सवार ग्रामीण दंपती के साथ दर्व्यवहार करने, युवक को निर्वस्त्र कर पीटने और बाद में छोड़ने के लिए दो लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है. एसपी देहात स्वयं इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. Also Read - 54 जिलों से हैं 50% प्रवासी, 44 यूपी-बिहार के ही, PM मोदी का वाराणसी, योगी का गोरखपुर, अखिलेश का इटावा लिस्ट में

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जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र के रहने वाले रवि कुमार ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक (देहात) आदित्य कुमार शुक्ल से की. पीड़ित ने बताया कि 25 अक्टूबर को वह अपने दोस्त की गाड़ी में पत्नी प्रियंका के साथ मथुरा जा रहा था, तभी नौहझील क्षेत्र के खानपुर नाले के पास अचानक तीन निजी गाड़ियों में सवार कई पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया. रवि ने आरोप लगाया कि उन लोगों में से बाजना चौकी इंचार्ज धीरज गौतम सहित कुछ पुलिसकर्मियों ने गाड़ी की तलाशी शुरू कर दी. Also Read - पुलिस ने बेरोजगार हुए शख्स को चोरी करते पकड़ा, आपबीती सुन लेडी सब इंस्पेक्टर ने घर पहुंचाया राशन, फिर...

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थाने में युवक को लगाया करंट, निर्वस्‍त्र करके पीटा

उनका कहना था कि उन्हें गाड़ी में अवैध रूप से गांजा ले जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद वे उन तीनों को पुलिस चौकी ले गए. वहां उनके साथ मारपीट की गई और करंट लगाया गया. पीड़ित का आरोप है कि उनकी चीख सुनकर चौकी पर लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद उन्हें हसनपुर पुलिस चौकी ले जाया गया. वहां पर निर्वस्त्र कर पिटाई की गई. इसके बाद छोड़ने के लिए घर पर फोन कर दो लाख रूपये मंगवाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बहन को भेंट देने के लिए गाड़ी में रखी सामग्री भी निकाल ली.

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एसपी देहात स्‍वयं कर रहे मामले की जांच

इस मामले में एसपी देहात आदित्य कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना काफी गंभीर है. इसलिए वे स्वयं इस मामले की जांच करेंगे. दूसरी ओर, आरोपी चौकी प्रभारी धीरज गौतम ने कहा कि उस दिन (25 अक्तूबर, गुरुवार को) पुलिस भर्ती की परीक्षा थी और हमें सॉल्वर गैंग की तलाश थी. इसीलिए उस गाड़ी में ऐसे संदिग्ध लोगों के मिलने की सूचना पर तलाशी ली गई थी. इसके अलावा न तो किसी से मारपीट की गई थी, और न ही छोड़ने के एवज में कोई रिश्वत ली गई थी. (इनपुट एजेंसी)