लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में महिला और बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला मऊ जिले के घोसी थानाक्षेत्र में सामने आया है. यहां एक मदरसे के हॉस्टल में नाबालिग छात्रा से दुराचार हुआ है. मामले में पुलिस ने मुख्‍य आरोपी मुहम्मद कासिम उर्फ बाबू भाई को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही पीड़िता का मेडिकल कराने के साथ ही पुलिस ने धमकी देने, साक्ष्य मिटाने के आरोप में मदरसा के प्रबंधक नासिर, शिक्षक महफूज, दाई बदरुन्निसा और प्रिंसिपल आशिया के खिलाफ भी रेप, पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. उधर, उत्‍तर प्रदेश अल्‍पसंख्‍यक विभाग के अध्‍यक्ष ने मामले का संज्ञान लेते हुए मऊ के डीएम से रिपोर्ट मांगी है. Also Read - Bigg Boss 13 की कंटेस्टेंट शहनाज गिल के पिता ने रेप के आरोप पर दी सफाई बोले-सारा दिन घर पर था, CCTV फुटेज में है रिकॉर्ड

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मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 11 वर्षीय छात्रा की मां की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गयी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुशीनगर के पडरौना कोतवाली के एक गांव की किशोरी मदरसे के हॉस्टल में रहकर पढ़ती थी. मदरसा प्रबंधक के भाई ने 4 अगस्त को रेप और इसको लेकर बवाल होने के बाद हॉस्टल बंद कर दिया गया. पीड़िता भी नौ अगस्त को अपने घर चली गई. उसके बताने पर मां उसे लेकर 12 अगस्त को कोतवाली पहुंची और तहरीर दी. तहरीर के मुताबिक प्रबंधक के भाई मुहम्मद कासिम उर्फ बाबू ने दाई बदरुन्निसा के जरिए छात्रा को रसोईघर में बुलाया और उसके साथ रेप किया. धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो दूसरे लोग भी उसके साथ गलत हरकत करेंगे.

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मदरसे के कर्मचारियों ने नहीं दी पीड़िता के कमरे की चाभी

छात्रा ने दूसरे दिन इसकी जानकारी साथ पढ़ रही बहन और मदरसे की प्रिंसिपल आशिया को भी दी. इस पर प्रिंसिपल ने प्रबंधक नासिर और शिक्षक महफूज के साथ मिलकर पीड़ित छात्रा को पहले तो लालच देने की कोशिश की फिर जान से मारने की धमकी भी दी. पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अन्य आरोपी मदरसा बंद कर फरार हो गए हैं. बता दें कि सोमवार को एसपी, एसडीएम, सीओ और कोतवाल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ मदरसे पहुंचे और निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारी उस कमरे का निरीक्षण करना चाहते थे जहां पीड़िता रहती थी, लेकिन मदरसे के कर्मचारियों ने पीड़िता के कमरे पर बंद ताले की चाभी नहीं दी.