लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ”लॉर्ड हनुमान के दलित समाज” से होने का बयान देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और मांग उठ रही है कि इस आधार पर देश के सभी हनुमान मन्दिरों को दलित पुजारियों के हवाले कर दिया जाये.

उन्होंने कहा कि इन लोगों (भाजपा) ने पहले लोगों को जाति के आधार पर बांटा और अब देवी-देवताओं को भी जाति में बांटने का फरमान जारी कर रहे हैं. देश और जनता को ऐसे लोगों से बहुत ही सजग और सतर्क रहने की जरूरत है. मायावती ने दिल्ली में 3, त्यागराज मार्ग स्थित अपने आवास पर बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किये. बसपा की ओर से जारी बयान के अनुसार, मायावती ने कहा कि यह वास्तविकता सर्वविदित है कि कांग्रेस ने केन्द्र और राज्यों में अपने लंबे शासनकाल में गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों को कभी भी ईमानदारीपूर्वक आत्म-सम्मान व स्वाभिमान से जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार नहीं दिया. इसी का परिणाम है कि अथक मेहनत और संघर्ष के बावजूद इन वर्गों के करोड़ों लोग दयनीय स्थिति में हैं.

VIDEO: हनुमान जी दलित नहीं जनजाति वर्ग से थे, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष का दावा

सरकार की गलत नीति के लिये सड़कों पर उतरे हैं किसान
मायावती ने कहा कि अभूतपूर्व संकट झेल रहे खेत, खेती व किसानों के मामलों में सरकार की नीति व रणनीति ग़लत और अनुपयोगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र की भाजपा सरकार जब-जब किसानों को बड़े-बड़े लुभावने वायदों में बहकाने का प्रयास करती है, तब-तब किसान सरकार की गलत नीति और रवैये का विरोध करने के लिये दिल्ली की सड़कों पर उतरते हैं. उन्होंने कहा कि छह दिसंबर बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि है. सर्वसमाज इस दिन से जुड़ा है, लेकिन 1992 में इसी दिन बाबरी मस्जिद ढहाकर संविधान व लोकतंत्र को कलंकित करने का काम किया गया.