लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर ‘निजी विश्वविद्यालयों पर शिकंजा कसने वाले काूनन’ को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह सरकार अरजकता को बढ़ावा देने के लिए नया कानून बना रही है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यूपी सरकार लोगों के जान-माल व उनकी इज्जत-आबरू की सुरक्षा में विफल रही है और साथ ही हर प्रकार की अराजकता को भी बढ़ावा दे रही है. लोगों का ध्यान बांटने के लिए नया कानून बनाकर अब निजी विश्वविद्यालयों पर शिकंजा कसने का प्रयास जारी है जो पुलिस राज को ही यहां और बढ़ावा देगा.

 

एक नए अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है कि उत्तर प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों को अब सरकार को एक शपथपत्र देना होगा, जिसमें कहना होगा कि उनके परिसरों का इस्तेमाल किसी भी देश विरोधी गतिविधि के लिए नहीं किया जाएगा. नए अध्यादेश का मसौदा, जो एक अंब्रेला एक्ट के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, मंगलवार को योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया. मायावती ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि गुजरात में जातिवादी अत्याचार व हत्या लगातार जारी है. सुरक्षा की मांग के बावजूद द्वेष के कारण बोताड़ जिले में दलित उपसरपंच मनजी सोलंकी की निर्मम हत्या कर दी गई. खासकर भाजपा शासित राज्यों में इस प्रकार के जघन्य अपराधों का लगातार जारी रहना अति दुखद, निन्दनीय व शर्मनाक है.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि महाराष्ट्र की करोड़ों ग्रामीण जनता भूख, प्यास व सूखा से तड़प रही है लेकिन वहां की भाजपा सरकार अपनी लापरवाही व विफलताओं के कारण 4.72 लाख करोड़ के कर्ज में डूबी हुई है और जनसमस्याओं से निपटने में लाचार नजर आ रही है. अब जनता को सोचना है कि ऐसी सरकारें उनके किस काम की हैं?