लखनऊ: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा एससी/एसटी एट्रोसिटी बिल पास करने के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सियासी पैतरा चल दिया है. बीएसपी चीफ ने संशोधन विधेयक के जरिए एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून की मूल रूप में बहाली करने का स्वागत तो किया. लेकिन इसका श्रेय बीएसपी कार्यकर्ताओं और बीते 2 अप्रैल को हुए भारत बंद अभियान के आंदोलनकारियों को दिया और गरीब सवर्ण, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यंकों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की है.
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बता दें केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी निचले वर्ग की जातियों के बीच अपनी पकड़ बनाने के लिए एससी/एसटी, प्रमोशन में आरक्षण और पिछड़ा वर्ग आयोग जैसे मुद्दों पर काम कर रही है. बीजेपी की इस सियासी कदम से निपटने के लिए मायावती ने कहा कि सवर्ण, मुस्लिम अन्य अन्य धार्मिक अल्पसंख्यंकों को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए. बीएसपी सुप्रीमो ने इसकी वकालत करते हुए सरकार संविधान संशोधन विधेयक लाने की मांग की और कहा कि अगर सरकार ऐसा करती है तो बीएसपी उसका समर्थन करेगी.

मायावती ने मंगलवार को एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून को मूल रूप में बहाल किए जाने को लेकर संशोधन विधेयक के लोकसभा से पारित होने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह जल्द ही राज्यसभा से भी पारित हो जाएगा. मायावती ने सवर्ण, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यंकों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की है.

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बीजेपी पर लगाया चुनावी फायदे के लिए बिल लाने का आरोप
मायावती ने संशोधन विधेयक में देरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा. बसपा प्रमुख ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में अपने राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ को ध्यान में रखकर ही यह संशोधन विधेयक लाया गया. उन्होंने कहा कि विधेयक में देरी से इन वर्गों को जो क्षति हुई है उसकी भरपाई करना बहुत मुश्किल है, हालांकि तब भी हमारी पार्टी इसका स्वागत करती है.

भारत बंद आंदोलन समर्थकों और बीएसपी कार्यकर्ताओं को श्रेय
मायावती ने कहा कि वह इसका पूरा श्रेय बसपा समर्थकों समेत देश के तमाम् एससी/एसटी वर्गों के लोगों को देती हैं जिन्होंने इस कानून के पूर्व स्वरूप को बहाल कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार पर दबाव बनाया. इसके लिए 2 अप्रैल 2018 को भारत बन्द अभियान में सक्रिय रहे. आंदोलन के बाद भाजपा सरकारों के अन्याय-अत्याचार का शिकार बने. इनमें कई लोगों को तो जान भी गंवानी पड़ी. जबकि अनेक लोग अभी भी फर्जी आरोपों में जेलों में कैद हैं.

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सवर्ण, मुस्लिमों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों
मायावती ने सवर्ण, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यंकों को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की वकालत करते हुए सरकार से इस सबंध में संविधान संशोधन विधेयक लाने की मांग की. साथ ही दोहराया कि अगर सरकार ऐसा करती है तो बसपा उसका समर्थन करेगी.

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का भी स्वागत
बसपा सुप्रीमो ने केंद्र सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने का स्वागत किया. साथ ही कहा कि यह प्रयास केवल कोरा कागजी, दिखावटी व चुनावी स्वार्थ भरा नहीं होना चाहिए, बल्कि इन वर्गों को संवैधानिक व कानूनी हक भी पूरी ईमानदारी से मिलने चाहिए.

बीजेपी की सरकारों को दिया दोष
बीएसपी सुप्रीमो आरक्षण को लेकर वर्तमान और पूर्व केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा. मायावती ने कहा कि भाजपा की वर्तमान व पूर्ववर्ती केंद्र सरकारों की आरक्षण-विरोधी नीयत व नीति के कारण ही इन वर्गों को अपूर्णीय क्षति हूई है, जिसकी भरपाई किसी भी प्रकार से हो पाना संभव नहीं है. (इनपुट-एजेंसी)