केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का पूर्व सीएम मायावती ने समर्थन किया है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने केंद्र को इन कानूनों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है. Also Read - Rajasthan में 6 बीएसपी MLA का कांग्रेस में विलय के मामले में SC ने जारी किया स्‍पीकर और विधायकों को नोटिस

मायावती ने ट्वीट किया कि पूरे देश में किसान केंद्र सरकार द्वारा कृषि से संबंधित हाल में लागू किये गये तीन कानूनों को लेकर काफी नाराज हैं और इनके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. Also Read - यूपी BSP प्रमुख का अजीबो-गरीब बयान- 'गंगाजल से भी पवित्र है ताड़ी, कोरोना से बचना हो तो...'

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘केंद्र सरकार किसानों की आम सहमति के बिना बनाये गये इन कानूनों पर अगर पुनर्विचार कर ले, तो बेहतर होगा.’ Also Read - 'लव जिहाद' पर बोलीं मायावती- धर्म परिवर्तन अध्यादेश अनेक आशंकाओं से भरा है, सरकार पुनर्विचार करे

बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस समेत उत्‍तर प्रदेश में कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है.

पूर्व मुख्‍यमंत्री और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘किसानों पर इस तरह की लाठी किसी ने नहीं चलाई होगी और इस तरह का आतंकी हमला किसी सरकार ने नहीं किया होगा, जैसा भाजपा की सरकार में हो रहा है. ये वही लोग हैं, जिन्‍होंने किसानों से कहा था कि वे सत्‍ता में आने पर उनके सिर्फ कर्ज माफ नहीं करेंगे बल्कि पैदावार की कीमत देंगे और आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन जबसे भाजपा सरकार आई है, तब से सबसे ज्‍यादा गरीब और किसान बर्बाद हुए हैं.’