केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का पूर्व सीएम मायावती ने समर्थन किया है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने केंद्र को इन कानूनों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है.Also Read - UP Polls 2022: BSP प्रमुख मायावती का हमला- 'आदित्यनाथ के गोरखपुर का मठ किसी आलीशान बंगले से कम नहीं'

मायावती ने ट्वीट किया कि पूरे देश में किसान केंद्र सरकार द्वारा कृषि से संबंधित हाल में लागू किये गये तीन कानूनों को लेकर काफी नाराज हैं और इनके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. Also Read - UP Election 2022: इन 47 सीटों पर नज़र लगाए हैं प्रमुख राजनीतिक दल, सिर्फ इतने वोटों से हुई थी हार-जीत

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘केंद्र सरकार किसानों की आम सहमति के बिना बनाये गये इन कानूनों पर अगर पुनर्विचार कर ले, तो बेहतर होगा.’ Also Read - UP Assembly Election 2022: BSP ने दूसरे चरण के लिए 51 उम्मीदवार की लिस्ट जारी की

बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस समेत उत्‍तर प्रदेश में कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है.

पूर्व मुख्‍यमंत्री और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘किसानों पर इस तरह की लाठी किसी ने नहीं चलाई होगी और इस तरह का आतंकी हमला किसी सरकार ने नहीं किया होगा, जैसा भाजपा की सरकार में हो रहा है. ये वही लोग हैं, जिन्‍होंने किसानों से कहा था कि वे सत्‍ता में आने पर उनके सिर्फ कर्ज माफ नहीं करेंगे बल्कि पैदावार की कीमत देंगे और आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन जबसे भाजपा सरकार आई है, तब से सबसे ज्‍यादा गरीब और किसान बर्बाद हुए हैं.’