लखनऊ: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर मुलायम सिंह की चलती तो वे हारना पसंद करते, लेकिन लोकसभा चुनाव-2019 में बसपा-कांग्रेस से महागठबंधन कभी नहीं करते. अमर सिंह ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बसपा ने जिस तरह से दलित मतदाताओं का वोट काटा है, उससे यह साबित होता है कि वह यूपी की राजनीति का इंजन बनना चाहेंगी, जबकि सपा और कांग्रेस को उस इंजन का डिब्बा बनकर संतोष करना पड़ेगा. Also Read - कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयक लाएगी राजस्थान सरकार: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल

Also Read - भाजपा का बड़ा आरोप, कांग्रेस ने जमात-ए-इस्लामी, पीएफआई जैसे संगठनों से समझौते किए

भदोही में ‘मोदी अगेन पीएम’ कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में सरकार बनने के बाद कांग्रेस यूपी में महागठबंधन के तहत कम से कम बीस सीटों की मांग करेंगी, जबकि मायावती इतनी सीट सपा को भी नहीं देंगी. मायावती कांग्रेस को सिर्फ अमेठी और रायबरेली, जबकि सपा को बीस से अधिक सीट देने पर राजी नही होंगी. इस स्थिति में कांग्रेस-सपा के पास सिर्फ माया शरणम् गच्छामि का रास्ता बचेगा. Also Read - भतीजे ने चाची को बनाया गर्लफ्रेंड, लेकर भागा, परेशान चाचा बोले...

PM मोदी के गाजीपुर दौरे में शामिल नहीं होंगे योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री राजभर, कहा- कभी बुलाते तो हैं नहीं

मुलायम की चलती को कभी न जाते मायावती संग

उन्होंने कहा कि वो मुलायम सिंह यादव को अच्छी तरह जानते हैं, अगर उनकी पार्टी में चलती तो वो हार जाना पसंद करते, लेकिन किसी भी पार्टी से गठबंधन कर कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करते. मुलायम सिंह अच्छी तरह जानते हैं कि इससे पार्टी टूटेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा. प्रधानमंत्री मोदी को ईमानदार बताते हुए देश की जनता को उनका साथ देने की अपील की.