मेरठ: मुस्लिम लड़के से दोस्ती करने के कारण मेडिकल की पढ़ाई करने वाली लड़की को पीटने और मुस्लिम लड़के के खिलाफ रेप का दबाव बनाने के लिए पीटने वाले पुलिस कर्मियों का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है. इन पुलिस कर्मियों ने ‘मुस्लिम ही मिला था दोस्ती करने के लिए’ कहते हुए लड़की को पीटने का वीडियो भी बनाया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर किए जाने को पुलिस कर्मियों के लिए सजा की बजाय इनाम माना जा रहा है.

मारपीट करने वाले भी नहीं हुए अरेस्ट
बताया जा रहा है कि सीएम योगी के गृहनगर गोरखपुर के लिए पुलिस कर्मियों के तबादले के बीच लड़की और लड़के के साथ मारपीट करने वाले विश्व हिंदू परिषद के किसी भी कार्यकर्ता को अरेस्ट तक नहीं किया गया. मुस्लिम लड़के को 18 लोगों ने पीटा था. इसका भी वीडियो वायरल हुआ था. 23 सितंबर को घटना के बाद इसके वीडियो 26 सितंबर को सामने आए थे. इसके बाद यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने इन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था. उन्होंने कहा था कि ऐसा व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. डीजीपी के इस बयान के बाद पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किए जाने की बात तो कही गई फिर उनका तबादला कर सीएम के शहर में भेज दिया गया.

मुस्लिम से दोस्ती पर पुलिस ने पीटा था, छात्रा ने कहा- रेप का केस दर्ज कराने के लिए बनाया गया दबाव

पुलिस ने ‘मुस्लिम ही मिला था दोस्ती करने को कहते हुए पीटा’
यूपी पुलिस की गाड़ी में महिला कॉन्स्टेबल द्वारा थप्पड़ और गाली की शिकार मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने मीडिया से बातचीत में पुलिस पर कई तरह के आरोप लगाए हैं. लड़की ने बताया था कि मैं अपने दोस्त के साथ बैठ कर पढ़ाई कर रही थी, उसी समय बजरंग दल के कार्यकर्ता आए और मुझे एक रूम में बंद कर दिया और मेरे दोस्त को पीटा. उन्होंने मुझ से मेरी आईडी मांगी और कहा कि तुम इससे शादी कैसे कर सकती हो, वो तो मुस्लिम है और तुम हिंदू.

लड़की से कहा था- मुस्लिम दोस्त के खिलाफ रेप का मुकदमा करो
थोड़ी ही देर में यहां पुलिस पहुंच गई और हम दोनों को अलग-अलग गाड़ियों में बैठाया. उसे बिलकुल अंदाजा नहीं था कि पुलिस उसके साथ ऐसा करेगी. एक पुलिस कर्मी ने मुस्लिम से दोस्ती करने पर अपशब्द कहे. वीडियो बनाया और महिला पुलिस कर्मी ने उसकी पिटाई की. पुलिस स्टेशन में पुलिस ने युवक के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराने के लिए कहा. मैंने और मेरे परिवार ने इससे इनकार कर दिया. मेरठ के एसपी का कहना था कि मुस्लिम युवक के साथ दिखाई देने के बाद पुलिस द्वारा छात्रा के साथ मारपीट और अभद्रता का वीडियो सामने आने के बाद तीन पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया. अब इन्हीं पुलिस कर्मियों का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है.

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यह था पूरा मामला
यूपी के हापुड़ जिले की रहने वाली युवती मेरठ में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है. उसके साथ पढ़ने वाला युवक दूसरे समुदाय का है, जो कि मेरठ के एक मोहल्‍ले में रहता है. बीते रविवार को छात्रा अपने साथ पढ़ने वाले युवक के घर पर गई थी. इसी बीच स्‍थानीय लोगों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बुला लिया था. आरोप था कि कार्यकर्ताओं ने छात्र और छात्रा पर आरोप लगाकर उनकी पिटाई कर दी. वहीं, छात्रा का दावा था कि वह साथ पढ़ने वाले युवक से लैपटॉप लेने आई थी. मौके पर पहुंची यूपी 100 पुलिस छात्रा को अपनी गाड़ी बिठा लिया और अभद्रता की.