बागपत: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ये खबर चौंकाने वाली है. कभी देश की रक्षा करने के लिए सरहद पर रहे एक पूर्व सैनिक ने ‘बेटी सुरक्षित नहीं रह पाएगी’ के डर से बच्चे पैदा नहीं करने का संकल्प लिया है. ये उस देश में जहां बेटियां ईश्वर, अल्लाह का तोहफा मानी जाती हैं. बेटियों की रक्षा के लिए बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, वहां एक पूर्व सैनिक और उनकी पत्नी ने बेटियों के प्रति बढ़ रहे अपराधों से खौफ खाते हुए बच्चे पैदा नहीं करने का फैसला किया है. पति-पत्नी का कहना है कि वो बच्चा पैदा करें और हो सकता है कि बेटी हो जाए. बेटी हुई तो अच्छा नहीं होगा. क्योंकि बेटियां देश में सुरक्षित नहीं हैं. पूरी संभावना है कि उनकी बेटी भी सुरक्षित नहीं रह पाएगी. देश में बढ़ रहे अपराधों और बेटियां पैदा नहीं करने का संकल्प लेते हुए उन्होंने डीएम ऑफिस में धरना दिया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा है.

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पूर्व सैनिक हैं सुभाष, मांग ने सबको हैरत में डाला
ये संकल्प लेने वाले पूर्व सैनिक का नाम सुभाष चंद कश्यप हैं. सेना में रह चुके सुभाष 2012 में 15 साल की नौकरी के बाद वीआरएस ले चुके हैं. सुभाष ने दो साल पहले ही शादी की, किसी भी दम्पति की शादी के कुछ साल में बच्चों की ख्वाहिश होती है, लेकिन सुभाष और उनकी पत्नी ये सोचकर हताश हो गए. सुभाष कश्यप रविवार को अवकाश के बाद भी अपनी पत्नी के साथ बागपत के डीएम ऑफिस पहुंच गए. वह हाथ में बैनर, पर्चे लिए हुए थे. यहां वह धरने पर बैठ गए. बैनर पर बच्चे पैदा नहीं करने का संकल्प लिखा देख लोग चौंके. इसके बाद बात करने पर पति-पत्नी ने जो बताया वह हमारे देश के कानून, सुरक्षा व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा पर नए-नए वादे और दावे करने वालों के लिए शर्मनाक हो सकता है.

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बैनर में सरकार और पीएम मोदी से पूछे ये सवाल
सुभाष ने बात से बड़े पेपर को ही बैनर बना लिया. उन्होंने इस पर लिखा कि ‘सरकार बेटी छिपाओ अभियान चलाए. माता-पिता की मन की बात सुनें प्रधानमंत्री. वर्तमान सरकार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. बेटियां क्यों पैदा करें मोदी जी बताएं. बेटियां गांव, शहर, स्कूल, कॉलेज, खेत, खलियान, घर, बाजार, मंदिर, मस्ज़िद में हवस के भूखे भेड़िए बेटियों की हत्या कर देंगे. बेटियों की सुरक्षा की गारंटी मिले, तभी बच्चे पैदा करेंगे. उन्होंने ये सब बातें लिख जिला प्रशासन को सौंपा है. ज्ञापन राष्ट्रपति के लिए दिया गया है.

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रेप की घटनाओं से व्यथित, इसलिए लिया फैसला
सुभाष ने बताया कि वह व्यथित हैं. देश में लगातार रेप हो रहे हैं. शायद ही कोई जगह हो जहां से रेप की खबरें न आ रही हो. उन्होंने कहा कि कठुआ, मंदसौर, लखनऊ सहित अन्य जगहों पर सामने आई रेप की घटनाओं से उन्हें सदमा पहुंचा. बागपत में भी ऐसी घटना हुई. इसके बाद पत्नी से बात कर वह इस नतीजे पर पहुंचे कि वह बच्चे पैदा नहीं करेंगे. मुझे और मेरी पत्नी को डर है कि बच्ची पैदा हुई तो उसके साथ भी रेप हो सकता है. उन्होंने कहा कि जब तक सरकारें बेटियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी नहीं लेती हैं, तब तक वह अपना फैसला नहीं बदलेंगे. सुभाष कहते हैं कि सियासत हो रही है, सियासत में ऐसे मुद्दे हैं, जिसका जनता को कोई फायदा नहीं है. बता दें कि कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट भी आई थी, जिसमें भारत में महिलाओं को सबसे खतरनाक देशों में एक माना गया था.