लखनऊ. दिल्ली में मेट्रो रेल की शुरुआत कराने के साथ ही देशभर में मेट्रोमैन के रूप में जाने पहचाने गए ईलात्तूवलापिल श्रीधरन या ई. श्रीधरन ने लखनऊ मेट्रो का साथ छोड़ दिया है. लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (LMRC) के प्रधान सलाहकार इंजीनियर ई. श्रीधरन ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए एलएमआरसी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. वहीं एलएमआरसी ने त्याग पत्र को शासन को भेजकर अवगत कराया है. मेट्रो मैन लखनऊ मेट्रो परियोजना से शुरुआती दौर से जुड़े हुए हैं. लखनऊ मेट्रो के प्राथमिक फेज के शुभारंभ में वे लखनऊ आए थे. बीते दिनों श्रीधरन उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने दिल्ली मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पत्र लिखा था. अपने पत्र में श्रीधरन ने आग्रह किया था कि सियासी फायदे के लिए मेट्रो को बर्बाद न करें.

एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार के तौर पर श्रीधरन (87) पिछले कुछ माह से लखनऊ नहीं आए थे. दूसरे चरण में करिडोर पर जब मेट्रो संचालन शुरू हुआ, तब भी स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे. लखनऊ मेट्रो के अधिकारियों की माने तो स्वास्थ खराब होने के बाद भी वह बराबर प्रबंध निदेशक कुमार केशव के संपर्क में थे, हर काम की जानकारी फोन पर लेते रहे. मेट्रो सूत्रों की मानें तो जून के अंतिम सप्ताह में लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक अब तक किए गए कार्यो से उन्हें अवगत कराने के लिए केरल जाएंगे और उनका हाल चाल लेंगे.

दिल्ली मेट्रो वे लखनऊ के अलावा आगरा, कानपुर व गोरखपुर में मेट्रो परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. इसी का नतीजा है कि लखनऊ में ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के अलावा प्रदेश के तीन जिलों में मेट्रो का डीपीआर जहां बन चुका है. कानपुर व आगरा में मेट्रो का टेंडर भी जून में निकलने वाला था.

एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा, “श्रीधरन ने व्यक्तिगत रूप से उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के निर्माण कार्य की निगरानी की. भूमिगत अनुभाग के निर्माण में उनका मूल्यवान मार्गदर्शन बहुत महत्वपूर्ण था. मैंने उनसे इस्तीफा नहीं देने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य इस समय काम करने की इजाजत नहीं दे रहा है.”

(इनपुट – एजेंसी)