मिर्जापुर: शादी को राजी नहीं होने पर पुलिस ने लड़के या लड़की को बुलाकर शादी करा दी, ऐसी खबरें आपने खूब सुनी होंगीं, ये खबर कुछ अलग है. इस बार पुलिस ने नेताजी के बेटे को भी नहीं छोड़ा, और मंदिर में बुलाकर सात फेरे करा दिए. नेताजी राजी नहीं थे. उनका परिवार राजी नहीं था, लेकिन पुलिस ने साहस दिखाते हुए लड़के को बुलाया और मंदिर में ले जाकर सात फेरे करा दिए. हालांकि सात फेरे होने तक पूर्व सांसद का परिवार भी शादी के लिए राजी हो गया.

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मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का है. दरअसल मिर्जापुर इलाके से दो बार विधायक और एक बार सोनभद्र से सांसद रहे भाईलाल कोल से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि उनके बेटे का इलाके की ही एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था. लड़की ने जब पंकज से शादी के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया. वजह थी पूर्व सांसद पिता और परिवार का राजी नहीं होना. बात बढ़ी. इसके बाद प्रेमिका ने पंकज की शिकायत पुलिस से कर दी. पुलिस ने पंकज को बुलाया और समझाया, लेकिन पंकज ने कहा कि परिजन राजी नहीं हैं. इसके बाद पुलिस ने पंकज के परिजनों से बात की. बातचीत के बाद पूर्व सांसद का परिवार शादी के लिए राजी हो गया. वह खुद पंकज को लेकर थाने पहुंचे.

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इस पर पुलिस ने एक कदम आगे बढ़ते हुए दोनों की शादी का ही इंतजाम करा दिया. पास के ही मंदिर में पुलिस पंकज, प्रेमिका को ले गई. दोनों के परिजन भी आए. विधि विधान से शादी के लिए पंडित बुलाया गया. इसके बाद दोनों के सात फेरे करा दिए गए. इस तरह से पूर्व सांसद के बेटे का विवाद एक मंदिर में संपन्न हुआ. इलाके के कद्दावर नेता के बेटे की इस तरह से घटनात्मक तरीके से हुई शादी चर्चा का विषय बनी है.