मिर्जापुर: सोनभद्र के सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मिर्जापुर में प्रशासन ने रोक लिया. अदलहाट क्षेत्र के नारायनपुर में खुद को रोके जाने के विरोध में प्रियंका धरना पर बैठ गयीं. बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया. वह गत बुधवार को सोनभद्र गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए वाराणसी के एक अस्पताल पहुंची थी. जब उन्होंने सोनभद्र जाने की कोशिश की तो प्रशासन ने उन्हें अदलहाट क्षेत्र में रोक लिया. इसके विरोध में प्रियंका अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गई और खुद को रोके जाने के लिखित आदेश दिखाने की मांग की.

 

प्रियंका ने इस दौरान कहा कि वह सोनभद्र में हुई वारदात में मारे गए लोगों के परिवार के लोगों से मिलने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रही थीं लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक लिया. वह चाहती हैं कि उन्हें जाने से रोकने का लिखित आदेश उन्हें दिखाया जाए. अदलहाट के थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया जा रहा है. प्रियंका ने धरने के दौरान कहा कि उन्होंने प्रशासन से कहा था कि वह पीड़ितों से मिलने के लिए सिर्फ 4 लोगों के साथ भी सोनभद्र जाने को तैयार हैं, मगर इसके बावजूद ना जाने क्यों उन्हें रोक लिया गया.

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सोनभद्र में जिन लोगों पर गोलियां बरसायी गयीं, उनका क्या कुसूर था. उन्होंने अपने अधिकारों के लिये लड़ाई लड़ी बस, अपनी जमीन जो पुश्तों से वे जोत रहे थे, उसको हड़पा जा रहा है. प्रियंका ने कहा कि सोनभद्र मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की नाकामी खुलकर सामने आयी है. रोज हत्याएं हो रही हैं. ऐसा लगता ही नहीं कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है.