नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के कानपुर की बर्रा पुलिस थाना में पिछले महीने एक युवक संजीव यादव के 23 जून को गायब होने के बाद 26 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इसके बाद उसके परिवार को 29 जुलाई को फिरौती की कॉल आई थी. इसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच में मृतक युवक संजीव के दो दोस्‍तों को कस्‍टडी में लिया था. अब इन्‍होंने राज उगला है कि उन्‍होंने 26-27 जून की रात संजीव यादव का मर्डर कर दिया था. Also Read - यूपी: आजमगढ़ में ग्राम प्रधान की हत्या, भीड़ ने पुलिस चौकी समेत कई वाहन फूंके

वहीं 30 लाख रुपए की फिरौती केे आरोपोंं पर आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल नेे कहा, अभी तक की जांच के अनुसार कोई पैसा नहीं दिया गया है. लेकिन क्योंकि परिवार वाले पैसा देने का आरोप लगा रहे हैं ​इसलिए जांच होगी. अगर पैसा दिया गया है तो वो इनसे बरामद किया जाएगा. Also Read - हापुड़ में मासूम बच्ची से रेप का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तारी के बाद अस्‍पताल में भर्ती

IG मोहित अग्रवाल ने कहा, 22जून को संजीव यादव का अपहरण किया गया था. कल पुलिस ने मामले में 5अभियुक्तों को
गिरफ्तार किया,इसका मास्टर माइंड ज्ञानेंद्र यादव है. 26जून की रात को जब संजीव ने भागने की कोशिश की तो इन्होंने उसे
मारने का फैसला किया और 27 जून की सुबह गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. Also Read - UP के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा एमपी पुलिस की हिरासत में, यूपी पुलिस टीम रवाना

उसके बाद शव को नहर में फेंक दिया. हत्या के बाद 29जून को इन लोगों ने संजीव के परिजनों से फिरौती की मांग की, पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की. लेकिन किसी कारण से ऑपरेशन फेल हो गया, इसमें लापरवाही के लिए बर्रा के SHO को निलंबित किया गया.

कानपुर (Kanpur) के बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन (Lab Technician) संजीत के किडनैपिंग मामले में गुरुवार देर रात यह खुलासा हुआ था कि संजीत का किडनैपर्स मर्डर कर दिया. पुलिस हिरासत में लिए गए संजीव के इन दोस्‍तों ने बताया कि उन्‍होंने मर्डर करने के बाद संजीव के शव को पांडु नदी में बहा दिया था. कानपुर पुलिस ने बताया था कि संजीव की हत्या हो चुकी है. पुलिस ने मामले में अब तक 5 लोगों को हिरासत में लिया है.

30 लाख रुपए की फिरौती के आरोप
इस मामले में कानपुर पुलिस की भी लापरवाही पर सवाल उठे हैं. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने किडनैप हुए युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख की फिरौती भी दिलवा दी. बावजूद इसके पुलिस किडनैपर्स को पकड़ नहीं पाई. इस पर आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल नेे कहा, पीड़ित (संजीव यादव) के रिश्तेदार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए की फिरौती दी है. अब तक की जांच के अनुसार, हमने पाया कि कोई फिरौती की राशि नहीं दी गई है, फिर भी हम सभी कोणों से मामले की जांच कर रहे हैं.

 

एक माह पहले हुआ था अपहरण
एसएसपी दिनेश कुमार (SSP Kanpur ) ने बताया कि बर्रा थाना पर 23 जून को शिकायत दर्ज हुई थी, जिसे 26 को एफआईआर दर्ज की गई थी. 29 जून को फिरौती का कॉल आया. इसे लेकर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम गठित की गई. इस टीम ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. इसमें संजीत के 2 दोस्त भी शामिल हैं. इन्होंने स्‍वीकार किया है कि संजीत की हत्या 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी गई थी और पांडु नदी में शव को बहा दिया.