वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार में भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक कैलाश सोनकर ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के एक बयान को लेकर उन पर मानहानि का मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी है. अजगरा विधानसभा से विधायक सोनकर ने कहा, ‘‘मुझ पर लगे 600 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप निराधार है. मैंने कोई घोटाला नहीं किया है. मैं दलित हूं, इसलिए मेरा अपमान किया जा रहा है.’’Also Read - भाजपा का विपक्ष पर हमला, 'असहिष्णुता व मॉब लिंचिंग जैसे शब्दों से लोगों को गुमराह करने की कोशिश'

संवाददाताओं से बातचीत में सोनकर ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय जैसे विद्वान को ऐसा ‘अमर्यादित बयान’ देना शोभा नहीं देता. दरअसल विधायक कैलाश सोनकर पर सब्सिडी दिलवाने के नाम पर बुनकरों से फर्जीवाड़े का आरोप लगा है. इसके विरोध में जिला मुख्यालय पर बुनकरों ने प्रदर्शन भी किया था.

जाहिर तौर पर इसी संदर्भ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने बुधवार को यहां एक शिलान्यास कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की मौजूदगी में सुभासपा विधायक सोनकर का नाम लिये बिना ‘चोर’ शब्द का इस्तेमाल किया था. खबरों के मुताबिक उद्घाटन समारोह में शिलापट पर विधायक सोनकर का नाम नहीं होने के सवाल पर पांडेय ने चुटकी ली थी.

इससे पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से भी भाजपा नेताओं के मतभेद सामने आते रहे हैं. इसी साल मई महीने में राजभर ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार और अधिकारियों पर जातिवाद हावी हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया था कि नीची जाति का होने के कारण अधिकारी उनकी नहीं सुनते. उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में भाजपा की हार के लिए भी उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराया था. चुनावों के नतीजे आने के बाद उन्होंने वाराणसी में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव से बंद कमरे में मुलाकात की थी. इससे राज्य में राजनीतिक उठापटक के नए दौर की अफवाहें जोर पकड़ने लगी थीं.