कानपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को यहां कहा कि सरकार के कदम डगमगाते दिखेंगे तो संघ की ओर से उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण से सलाह व सुझाव दिए जाएंगे.

भागवत ने यहां पं. दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग में बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुनकर आते हैं, उनके पास अधिकार बहुत होते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि इन अधिकारों का कहीं गलत उपयोग किया जाए. हां, अगर सरकार के कदम डगमगाते दिखे तो संघ उन्हें सकारात्मक सलाह देगा. संघ प्रमुख ने कहा कि अपनों के साथ हमेशा सकारात्मक रुख रखें. अगर किसी बात से कोई निराशा हुई तो उसे साझा करें.

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स्वयंसेवकों से कहा कभी नहीं करना अहंकार
उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि मैं संघ का केंद्र नागपुर से दिल्ली बना सकता था, लेकिन ऐसा न करना ज्यादा बेहतर रहा. उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि हमें कभी अहंकार नहीं करना है, चाहे कितना भी अच्छा काम किया हो या फिर दूसरों की मदद. किसी को उपकृत करके उससे लाभ न लेने की प्रवृत्ति सभी में होनी चाहिए.

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चार दिन के प्रवास पर कानपुर पहुंचे भागवत
उन्होंने कहा कि संघ के कार्यों का विस्तार होने के साथ स्वयंसेवकों का मान बढ़ा, यह जानकर खुशी हुई है. गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को अपने चार दिन के प्रवास पर कानपुर पहुंचे. वह संघ की ओर से 24 मई से 13 जून तक चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग करने पहुंचे हैं.