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बिजली चुराने के आरोपी SP सांसद के घर की बत्ती गुल, FIR के बाद विभाग ने लगाया 1 करोड़ 91 लाख का जुर्माना; जानें पूरा मामला

Sambhal News: बिजली विभाग ने जांच के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद के घर की बिजली काट दी . इसके साथ-साथ उन्हें 1 करोड़ 91 लाख का बिजली बिल जुर्माने के तौर पर भेजा गया है.

Written by: Parinay Kumar
Published: December 20, 2024, 12:14 PM IST

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क (Zia ur Rahman Barq) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है. बिजली चोरी के आरोप में FIR के बाद इलेक्ट्रिसिटी विभाग ने अब उनपर भारी भरकम जुर्माना लगाया है. बिजली विभाग ने उन्हें 1.91 करोड़ रुपये का बिल जारी किया है. विभाग का दावा है कि गुरुवार सुबह जिया उर रहमान बर्क के घर की जांच के दौरान 2 बिजली मीटरों से छेड़छाड़ के सबूत मिले. इसके बाद उनके घर की बिजली भी काट दी गई.

किस धारा के तहत मुकदमा?

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान जिला बिजली समिति के अध्यक्ष भी हैं. उनके खिलाफ बिजली चोरी निरोधक अधिनियम की धारा 135 के तहत FIR दर्ज की गई है. उप मंडल अधिकारी (SDO) संतोष त्रिपाठी ने India Today से बात करते हुए आरोपों की पुष्टि की और कहा, ‘बिजली के लोड की गणना की जा रही है.

दोनों मीटर हटाए गए

संतोष त्रिपाठी ने कहा, ‘सांसद दीपा सराय इलाके में तीन मंजिला घर में रहते हैं. संपत्ति का निरीक्षण करने पर, हमें केवल दो 2KW क्षमता वाले बिजली के मीटर मिले, जबकि उस आकार के घर को अपने उपकरणों को चलाने के लिए आम तौर पर कम से कम 8 से 10 किलोवाट की आवश्यकता होती है. हमने दोनों मीटर हटा दिए हैं और सांसद को नोटिस दिया है.’

6 महीने से मीटर में शून्य रीडिंग

त्रिपाठी ने कहा, ‘सांसद के नाम पर रजिस्टर्ड बिजली मीटर में इस साल जुलाई से पिछले 6 महीनों से शून्य रीडिंग आ रही है. साल के अन्य महीनों में मीटर की रीडिंग कभी भी 100 यूनिट से अधिक नहीं रही. घर में पंखे, एयर कंडीशनर और अन्य बिजली के उपकरण हैं, इसलिए मीटर पर शून्य रीडिंग आना अविश्वसनीय है.’

बर्क के खिलाफ मस्जिद मामले में भी मुकदमा

इस घटना ने बर्क की बढ़ती कानूनी परेशानियों को और बढ़ा दिया है. उन्हें हाल ही में संभल में एक मस्जिद सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा में मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोप लगाया कि बर्क ने राजनीतिक लाभ के लिए अपने भाषणों के माध्यम से भीड़ को उकसाया. हालांकि इस आरोप को उन्होंने और उनकी पार्टी ने नकार दिया है और भाजपा पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया है. बर्क ने 18 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और हिंसा से संबंधित प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की.

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