लखनऊ: देश के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में शामिल मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया गया है. अब इसे दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाएगा. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बकायदा ट्वीट करके इसकी जानकारी दी.

 

बता दें कि कभी मुगलों के सराय नाम से प्रसिद्ध उत्तर-पूर्व रेलवे का महत्वपूर्ण स्टेशन मुगलसराय जंक्शन की पहचान बदल चुकी है. अब इस रेलवे स्टेशन का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन हो गया है. गृह विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को नाम बदलने की अनुमति दे दी. इसके बाद इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी बकायदा ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी.

लोगों की मांग को देखते हुए बदला गया नाम
केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि नागरिकों की मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मुगलसराय जंक्शन का नाम परिवर्तित कर पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया, मुझे खुशी है कि अंत्योदय जैसा महान विचार देने वाले पं .दीन दयाल जी के नाम से अब यह जंक्शन जाना जाएगा. बता दें कि सूबे में योगी सरकार बनने के बाद से ही मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई थी.

जाने मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बारे में
मुग़ल सराय जंक्शन (अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है. यह वाराणसी से लगभग 4 मील की दूरी पर स्थित है. मुगलसराय स्टेशन का निर्माण 1862 में उस समय हुआ था, जब ईस्ट इंडिया कंपनी हावड़ा और दिल्ली को रेल मार्ग से जोड़ रही थी. यह पूर्वमध्य रेलवे, जिसका मुख्यालय हाजीपुर है, के सबसे व्यस्त एवं प्रमुख स्टेशनों में से गिना जाता है भारत रेलवे की बड़ी लाइन के लिये यह एक विशाल रेलवे स्टेशन है. एशिया के सबसे बड़े रेलवे मार्शलिंग यार्ड और भारतीय रेलवे का ‘क्लास-ए’ जंक्शन, मुग़लसराय में है.