नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पुत्र अखिलेश और अपने भाई शिवपाल के बीच सुलह कराने की एक बार फिर कोशिश की. पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मतभेद दूर करने के लिए पिछले कुछ दिन में मुलायम ने अखिलेश से, शिवपाल से और पूरे कुनबे से मुलाकात की. ये मुलाकातें यहां और उत्तर प्रदेश के सैफई में हुईं हैं.Also Read - अखिलेश यादव का चुनावी वादा, 'सपा की सरकार बनने पर गरीबों का मुफ़्त इलाज होगा, तीन गुना होगी पेंशन'

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मुलायम की कोशिशें फिलहाल कामयाब होती नहीं दिखाई दे रही हैं क्योंकि शिवपाल ने अपनी ‘प्रगतिशील समाजवादी पार्टी’ का सपा में विलय से इनकार कर दिया है. शिवपाल पिछले साल सपा से अलग हो गए थे और उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली थी. उन्होंने कुनबे में फूट के लिए रिश्ते के भाई एवं पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव को जिम्मेदार ठहराया था. सूत्रों ने बताया कि लेकिन शिवपाल को उत्तर प्रदेश में होने वाले 12 उपचुनावों में सपा के साथ मिल कर चुनाव लड़ने से गुरेज नहीं हैं.

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यूपी विधानसभा की 11 सीटें खाली

बता दें कि भाजपा के नौ और सपा,बसपा से एक-एक विधायक लोकसभा चुनाव जीत गए हैं. इससे 11 सीटें रिक्त हुईं हैं वहीं हत्या के मामले में भाजपा के एक विधायक को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे अयोग्य ठहराए जाने से एक सीट रिक्त हुई है. बताया जा रहा है कि मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल दोनों को समझाया है कि अगर परिवार में एका नहीं हुआ तो इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते है.

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