लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के बागपत जेल में पूर्वांचल के कुख्‍यात डॉन मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या कर दी गई. इस मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने जेलर को निलंबित कर दिया है, साथ ही पूरे मामले की न्‍यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं. बता दें कि सोमवार को एक मामले की सुनवाई के लिए उसे झांसी जेल से बागपत जेल में लाया गया था. जेल में हत्‍या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. Also Read - मेथी की जगह 'भांग की सब्जी' का परिवार ने किया सेवन, हो गएं सब बेहोश, अस्पताल में चल रहा इलाज

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पूर्वांचल के कुख्‍यात डॉन मुन्‍ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्‍या

बागपत जेल में कुख्‍यात डॉन मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या के मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने बागपत जेल के जेलर को निलंबित कर दिया है. न्‍यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि जेल परिसर के अंदर इस तरह की घटना होना एक गंभीर बात है. इस मामले में जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ गहन जांच करके सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि आज सुबह बागपत जेल में मुन्‍ना बजरंगी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई.

मुन्‍ना बजरंगी की पत्‍नी सीमा सिंह ने जताई थी हत्‍या की आशंका, सीएम योगी से की थी सुरक्षा की गुहार

17 साल की उम्र की मुन्‍ना बजरंगी पर दर्ज हुआ था पहला मुकदमा

पूर्वांचल में अपराध की दुनिया का कुख्‍यात नाम प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्‍ना बरजंगी का जन्‍म 1967 में यूपी के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था. मुन्‍ना बजरंगी के पिता पारसनाथ सिंह ने उसे पढ़ाना चाहा, लेकिन उसने 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी. बताया जाता है कि 15 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उसे कई ऐसे शौक लग गए जो उसे जुर्म की दुनिया में ले जाने के लिए काफी थे. जौनपुर के सुरेही थाना में 17 साल की उम्र में ही उसके खिलाफ मारपीट और अवैध असलहा रखने का मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में कुख्‍यात होता चला गया.