गोरखपुर: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण देने के मामले में मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील खान के मामा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. परिजनों की तहरीर पर दो नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा, “पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पहली नजर में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हत्या का कारण संपत्ति विवाद रहा हो. शिकायत मिलने के बाद नामजद आरोपियों की तलाश जारी है. तीन टीमें उनकी तलाश में लगाई गई हैं.” Also Read - Coronavirus: सीएम योगी ने लखनऊ समेत यूपी के ये 15 जिले 'लॉक डाउन' घोषित किए

उन्होंने आगे कहा, घटना शनिवार रात 11 बजे के आस पास हुई. बेटी की तहरीर पर दो नामजद की तलाश की जा रही है. Also Read - डॉ. कफील खान की रिहाई की मांग कर रहे थे छात्र, पुलिस ने हिरासत में लिया

गोरखपुर राजघाट क्षेत्र के अलहदादपुर, बनकटी चक में डॉ. कफील अहमद के मामा नुसरतुल्लाह वारसी उर्फ दादा का निवास है. शनिवार देर रात गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई. सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता, एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे. फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर साक्ष्य जुटाए. नुसरतुल्लाह की बेटी ने कोतवाली थाना क्षेत्र के अनिल सोनकर और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के इमामुद्दीन पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है. Also Read - जमानत मिलने के बाद भी रिहा नहीं किए गए डॉक्टर कफील खान, पुलिस बोली- NSA लगा है

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन कांड से चर्चा में आए डॉ. कफील के मामा अलहदादपुर, बनकटीचक निवासी नुसरतुल्ला वारसी की शहर में कई जगह प्रॉपर्टी है. वह रोज की भांति अपने मकान से थोड़ी दूरी पर वकील सिराज तारिक के घर कैरम खेलने गए थे. वह कैरम खेलकर रात तकरीबन 10.45 बजे घर के लिए निकले.

वह मकान के बगल में स्थित मकबरे के मुख्य गेट पर पहुंचे, तो वहां एक युवक पहले से खड़ा था. वह उसके कंधे पर हाथ रखकर बात करते हुए गेट के अंदर गए. अंदर पहुंचते ही युवक ने तमंचा निकाल लिया और उनके सिर में गोली मार दी. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. गोली चलने की आवाज सुनकर जब तक आसपास के लोग पहुंचते, हमलावर फरार हो चुका था. घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ कोतवाली, सीओ क्राइम के अलावा राजघाट, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी.