मुजफ्फरनगर: भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर के बयान के मद्देनजर यहां शुक्रताल स्थित ‘हुनमान धाम’ की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम भीम आर्मी के इस तरह के सभी मंदिरों पर कब्जा करने के आह्वान के मद्देनजर एहतियातन उठाया गया है. बता दें कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा था कि दलित समुदाय के लोगों को सभी हनुमान मंदिरों पर कब्जा कर वहां दलित पुजारी नियुक्त करने चाहिए. चंद्रशेखर ने यह आह्वान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमान को दलित बताए जाने के बाद किया था. Also Read - पुलवामा हमला: सीएम योगी का शहादत को नमन, शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहायता व नौकरी का किया ऐलान

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भीम आर्मी चीफ ने कहा- देश के सभी हनुमान मंदिरों की कमान अपने हाथों में लें दलित समुदाय Also Read - यूपी कैबिनेट मंत्रियों के तीन निजी सचिव गिरफ्तार, ठेके व ट्रांसफर के नाम पर मांगते थे रिश्वत

एहतियातन सुरक्षा

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सावधानीवश पीएसी और पुलिस टीम हनुमान धाम में तैनात की गई हैं, ताकि भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर पर कब्जा करने के किसी भी प्रयास को रोका जा सके. उन्होंने बताया कि अभी तक यहां किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है. गौरतलब है कि राजस्थान के अलवर जिले में एक रैली संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा था, ‘‘हनुमान एक वनवासी, वंचित और दलित थे. बजरंग बली ने उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक सभी भारतीय समुदायों को साथ लाने के लिए काम किया.’’

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उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ को इस बयान के बाद काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी उन्हें एक दक्षिणपंथी समूह ने कानूनी नोटिस भी भेजा है और उनसे भगवान हनुमान को दलित बताने पर माफी मांगने को कहा है. वहीं, पिछले सप्ताह अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग (एनसीएसटी) के प्रमुख नंद कुमार साई ने भगवान हनुमान पर आदिवासी समुदाय का हक जताते हुए दावा किया था कि हनुमान जी आदिवासी थे. (इनपुट एजेंसी)