नई दिल्ली. समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और वर्तमान में भाजपा के राजनीतिज्ञ नरेश अग्रवाल की जबान एक बार फिर फिसल गई है. कभी कुलभूषण जाधव पर तो कभी हिन्दू देवी-देवताओं तो कभी जीएसटी को लेकर दिए गए उनके बयान मीडिया की सुर्खियां बनते रहे हैं. भाजपा में जाने के बाद नरेश अग्रवाल का इस बार का बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव समेत पूरे विपक्ष को लेकर है. इस बार उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की है. भाजपा में जाने के बाद पहली बार हरदोई पहुंचे अग्रवाल ने वहां पर हुई एक जनसभा में कहा, ‘मैं राहुल जी को इस मारे कुछ नहीं कहता क्योंकि राजीव जी हमारे नेता थे, राहुल उनके बेटे हैं…, लेकिन इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपरिपक्व नेतृत्व के हाथ में है. बंदर को उस्तरा पकड़ा दो तो क्या होगा. अगर हमने विपक्ष को उस्तरा पकड़ा दिया तो देश टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा.’ Also Read - 'राजस्थान में फिर शुरू होने वाला है सरकार गिराने का खेल', CM गहलोत बोले- हमारे विधायकों को बैठाकर चाय-नमकीन खिला रहे अमित शाह

Also Read - Hyderabad Election Result 2020: हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बजा बीजेपी का डंका, टीआरएस को फिर मिली सत्ता

अग्रवाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया. उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा मुखिया मायावती की तुलना जानवरों से की. उन्होंने कहा कि अखिलेश बसपा की मदद से दो लोकसभा सीटों का उपचुनाव जीतने के बाद अब कैराना उपचुनाव में समर्थन के लिए मायावती के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं. जो समर्थन की चाहत में पार्टी चला रहा हो, तो उसकी पार्टी का क्या मतलब है. असल बात यह है कि मोदी की बाढ़ में शेर और बकरी भी एक घाट पर खड़े हो गए हैं. Also Read - GHMC Eelection Results 2020 Update: पलट गए रुझान, सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही TRS, तीसरे नंबर पर भाजपा!

BJP में शामिल होते ही नरेश अग्रवाल पर सुषमा का बाउंसर, जया पर कमेंट पड़ा भारी

पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में दिया बयान

सपा से राज्यसभा सदस्य रह चुके अग्रवाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज करते हुए कहा, ‘तुम (अखिलेश) फिल्मी कलाकार (राज्यसभा सदस्य जया बच्चन) पर इतना खुश हो गए कि 40 साल का इतिहास बनाए एक व्यक्ति को, जिसने तुम्हें अध्यक्ष बनाया, जिसने समाजवादी पार्टी को मजबूत किया जो पूरे प्रदेश में खुल कर लड़ता रहा. तुमने उसी व्यक्ति को अपमानित कर दिया. अगर इतनी ही शान है तो जाकर बहन जी (मायावती) के पैर क्यों छू लिए.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में 18 दल शामिल हैं. अगर 18 दल वाले संप्रग के हाथ में देश चला जाएगा तो उसके टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे. यहां सवाल मोदी और भाजपा का नहीं है. यहां सवाल है देश का, क्योंकि केंद्र का चुनाव देश का चुनाव होता है. अग्रवाल ने कहा, ‘मुझे याद है कि इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं. मैं कांग्रेस में था. लोग आलोचना किया करते थे कि इंदिरा जी कुछ नहीं करतीं लेकिन जब चुनाव आता था तो वोट इंदिरा गांधी को ही मिलते थे. क्या मोदी जी के विपक्ष में कोई व्यक्ति है जो सरकार चला सकता है? बता दीजिए क्या राहुल गांधी चलाएंगे.’

भाजपा विरोध के लिए जाने जाते रहे हैं नरेश अग्रवाल, विवादित बयानों के कारण रहे हैं चर्चा में

पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं नरेश अग्रवाल

पूर्व सपा नेता नरेश अग्रवाल पहले भी विभिन्न मुद्दों को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं. हाल ही में समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में जाने के समय सपा की राज्यसभा सदस्य अभिनेत्री जया बच्चन को लेकर दिया गया उनका बयान खासा चर्चित रहा था. अपने बयान में नरेश अग्रवाल ने कहा था, ‘फिल्मों में काम करने वाली से मेरी हैसियत कर दी गई. उनके नाम पर हमारा टिकट काटा गया. मेरी कोई शर्त नहीं है. मैंने राज्यसभा का टिकट नहीं मांगा है. मैं राज्यसभा टिकट के लिए बीजेपी में शामिल नहीं हुआ हूं और न ही मैंने कोई शर्त रखी है.’ अग्रवाल के इस बयान की तीखी आलोचना हुई थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तत्काल ही ट्वीट कर इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद अग्रवाल ने माफी मांग ली. भाजपा में शामिल होने से पहले उसके कट्टर आलोचक रहे अग्रवाल ने भाजपा को लेकर भी विवादित बयान दिए हैं. वे भाजपा को लेकर संसद और उसके बाहर भी बयान देते रहे हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम के दिन राहुल गांधी के फिल्म देखने के मुद्दे पर भाजपा के बयान पर अग्रवाल ने कहा था, ‘बीजेपी की सोच इतनी संकीर्ण क्‍यों है? यह किसी के निजी जीवन में दखल है. अब मान लीजिए किसी की उस दिन सुहागरात होती, तो ये कहते ये सुहाग-रात क्‍यों मना रहा है?’

(इनपुट – भाषा)