नई दिल्ली. यूपी में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के लिए हो रहे उपचुनावों पर नेताओं के रोज नए-नए बयान आ रहे हैं. ताजा मामला बसपा के पूर्व दिग्गज नेता रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी का है. सिद्दीकी पिछले महीने 22 फरवरी को कांग्रेस में शामिल हो गए थे. आज वे फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में प्रचार के लिए इलाहाबाद पहुंचे तो उन्होंने मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने राज्यसभा और यूपी उपचुनावों को लेकर बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधा. सिद्दीकी ने सपा और बसपा के हालिया गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि मायावती ने कुंठित होकर सपा को समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि बसपा ने बसपा ने ‘एक हाथ दे, एक हाथ ले- राज्यसभा दे दो और विधानपरिषद ले लो’ के आधार पर समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया है. उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी थे. दोनों नेता फूलपुर में कांग्रेस प्रत्याशी मनीष मिश्रा के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. फूलपुर में 11 मार्च को उपचुनाव होने हैं. Also Read - यूपी उपचुनाव: मायावती का बड़ा हमला, बोलीं- भाजपा ने सपा को कुछ सीटें जितायीं

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बसपा में रहते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों को कोसते थे, लेकिन आजकल वे कांग्रेस की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी से हमारे पूर्वजों का संबंध रहा है. कांग्रेस में दोबारा वापस आने की वजह यह है कि देश-प्रदेश में अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना है. देश-प्रदेश में जब तक कांग्रेस की सरकारें रही हैं, गंगा-जमुनी तहजीब रही. लेकिन जैसे-जैसे हम क्षेत्रीय पार्टियों की ओर बढ़ते गए, हमारा समाज, हमारा देश कमजोर होता गया.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने काफी सोच विचार किया और अपने परिवार के लोगों से बात की तो इस नतीजे पर पहुंचा कि इस देश को क्षेत्रीय पार्टी नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी ही संभाल सकती है. हमारे वरिष्ठ नेताओं की टीम गोरखपुर और फूलपुर में अपने उम्मीदवार का हाथ मजबूत करने के लिए लगी है.’

कभी मायावती का दाहिना हाथ रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस में शामिल

कभी मायावती का दाहिना हाथ रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस में शामिल

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप के बाद हटाए गए थे बसपा से

यूपी के दिग्गज नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम चेहरा रहे हैं. बसपा में रहते हुए भी उन्होंने पार्टी के लिए मुस्लिमों को एकजुट रखा. मगर 2017 के विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सिद्दीकी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर कर दिया था. पार्टी से निकाले जाने के बाद सिद्दीकी ने मायावती पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. सिद्दीकी ने मायावती के साथ बातचीत की रिकार्डिंग भी जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर बसपा सुप्रीमो उनसे पैसे पहुंचाने की बात कर रही थीं.

सिद्दीकी के साथ श्रीप्रकाश ने मोदी सरकार को कोसा

फूलपुर उपचुनाव के लिए नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी इलाहाबाद पहुंचे हैं. सिद्दीकी के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी और प्रदेश की योगी सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, ‘हमें यह बताने की जरूरत नहीं है कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जनता से कौन-कौन से वादे किए थे और कितने वादे पूरे किए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अगर वादों की पार्टी देखनी है तो बनारस, कानपुर जाकर वहां की दुर्दशा देख लीजिए या फिर इलाहाबाद में दुर्दशा देख लीजिए. मैंने इन तीन शहरों का नाम इसलिए लिया क्योंकि भाजपा के बड़े नेता इन्हीं तीन शहरों में अधिक घूमा करते हैं.’ जायसवाल ने कहा, ‘जिस तरह से जनता का भाजपा से मोहभंग हो रहा है, उससे पता चलता है कि आने वाले समय में भाजपा कहां पहुंचने वाली है. यही वजह है कि हमारे भाई नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भाजपा को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस का साथ देने का निर्णय किया.’

(इनपुट- एजेंसी से भी)