नई दिल्ली: यूनीसेफ इंडिया की प्रतिनिधि यास्मीन अली हक ने मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति की आज सराहना की. इस हफ्ते की शुरूआत में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम बुलेटिन के मुताबिक भारत ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है. साल 2013 से इस तरह की मौतों में 22 फीसदी कमी दर्ज की गई. वहीं, उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 30 प्रतिशत कमी आई है. Also Read - मां ने डांटा तो 11 साल के बच्चे ने छोड़ा घर, साइकिल लेकर हरिद्वार को निकला, फिर...

मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) प्रति एक लाख बच्चों के जन्म पर होने वाली माताओं की मौत संख्या होती है. एमएमआर 2011-2013 के 167 से घट कर 2014-2016 में 130 हो गई है. यास्मीन ने कहा भारत ने मातृ मृत्यु दर कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है. गर्भधारण संबंधी समस्याओं को लेकर अब भारत में 2013 की तुलना में करीब 1000 कम महिलाओं की मौत हो रही है.’ Also Read - OMG! मंदिर में मिले 300 रुपये, बंटवारे को लेकर तीन लोगों ने की 24 साल के लड़के की हत्या...

यूपी के पहले नंबर रहने पर मिली सराहना
उन्होंने मातृ मृत्यु दर में कमी लाने वाले राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश के शीर्ष स्थान पर रहने को लेकर उसकी सराहना की. उन्होंने कहा कि अब यह देखना काफी सुखद है कि उत्तर प्रदेश में एमएमआर में करीब 30 फीसदी कमी आई है जबकि इस राज्य में घरों में सर्वाधिक प्रसव कराया जाता है. मौजूदा बुलेटिन के लिए सर्वेक्षण में 62,96,101 गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें से 556 की मौत हुई थी. Also Read - शर्मनाक: कुत्ते को 'गंदा' कहने पर शुरू हुई बहस, फिर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलीं...