New Twist in Hathras Case: हाथरस मामले में हर दिन कोई न कोई तथ्य सामने आए रहे हैं. केस से जुड़ा एक नया ट्विस्ट सामने आया है. ‘इंडिया टूडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘पुलिस की जांच में यह पाया गया है कि कथित रूप से गैंगरेप पीड़िता आरोपियों में शामिल संदीप सिंह से फोन पर लगातार टच में थी.’ संदीप सिंह हाथरस मामले में मुख्य आरोपी है. Also Read - थाने में प्यार, इकरार: फिर पुलिस वाली लड़की ने सिपाही प्रेमी को खौफनाक तरीके से मारा, और...

मुख्य आरोपी और पीड़ित परिवार की फोन की जांच के बाद ये तथ्य सामने आए हैं. यूपी पुलिस की जांच में पाया गया कि संदीप और पीड़ित के बीच 13 अक्टूबर, 2019 से टेलीफोनिक बातचीत शुरू हुई थी. ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, संदीप और पीड़ित परिवार के फोन नंबरों के बीच कुल 104 कॉल हुए, जिनमें 62 आउटगोइंग और 42 इनकमिंग थे. Also Read - Hathras case Latest Updates: कहां तक पहुंची हाथरस मामले की सीबीआई जांच? अब आरोपियों की बारी

उधर, आलोचनाओं का सामना कर रही यूपी पुलिस ने मामले को लेकर पूरे राज्य में 19 FIR फाइल की है. इनमें एक FIR काफी अहम है. इसमें बड़ी आपराधिक साजिश की बात की गई है. इस FIR में कहा गया है कि ‘एक पूरी सुनियोजित आपराधिक साज़िश के तहत पीड़ित के परिवार को बरगलया गया. इसके साथ-साथ कुछ अराजक तत्वों ने पीड़ित परिवार को प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ गलतबयानी करने के लिए 50 लाख का लालच भी दिया.’ Also Read - रेप का अजीबो-गरीब मामला- 6 साल के लड़के पर साढ़े पांच साल की बच्ची से बलात्कार का आरोप

हाथरस के चांदपा थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व कानून और व्यवस्था को बाधित करना और राज्य में कानूनी रूप से स्थापित सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे थे. इसमें कहा गया कि पीड़ित परिवार पर बार-बार ये दबाव बनाया गया कि वह कहे कि गैंगरेप हुआ था, जबकि पहली शिकायत में पीड़ित परिवार ने मारपीट की बात की थी. साथ ही यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार की छवि खराब कर पूरे प्रदेश में सनसनी फैलाने का प्रयास किया गया और अमन-चैन छिन्न भिन्न करने का प्रयास किया गया.

बता दें कि हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित युवती से उच्च जाति के चार लड़कों ने कथित रूप से गैंगरेप किया था. गैंगरेप के बाद उसकी गला दबाकर हत्या करने की भी कोशिश की गई थी. इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता का जीभ काट लिया था. लड़की की बाद में 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत के बाद आनन-फानन में पुलिस ने देर रात पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसके बाद काफी बवाल हुआ. परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार के दौरान उनकी सहमति नहीं ली गई वहीं, प्रशासन ने इन दावों को खारिज किया है.