लखनऊ: उत्तर प्रदेश सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड ने गुरुवार को कहा कि हिंदुस्तानी मुसलमानों को राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से खतरा नहीं है और एनआरसी हिंदुस्तान में लागू होना चाहिए. बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा, ‘हिन्दुस्तानी मुसलमानों को एनआरसी से खतरा नहीं है. एनआरसी हिुदुस्तान में लागू होना चाहिए. असल मामला घुसपैठियों की पहचान का है, जो हमारे देश के लिए खतरा है.’ उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिये कांग्रेस, ममता, सपा के लिए वोट बैंक हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर प्रदेश में घुसपैठियों के वोटर आईडी कार्ड बना रही है.

रिजवी ने कहा कि जब एनआरसी लागू होगा तो घुसपैठियों की शक्ल सामने आएगी. पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के जो अल्पसंख्यक हिंदू भारत आए हैं, वो असल में धर्म के आधार पर जुल्म झेल कर अपना धर्म और अपनी जान बचा कर आए हैं. उनको नागरिकता संशोधन कानून का लाभ मिलना चाहिए और इन देशों के जो मुसलमान भारत आए हैं वह अपने निजी फायदे के लिए आये हैं या भारत को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आए हैं.

बोर्ड के अध्‍यक्ष ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून में मुसलमानों को न शामिल करना भारत की सुरक्षा के हित में है. उन्होंने कहा कि जो भारत का मुसलमान है, वही सिर्फ हिन्दुतानी है और जो मुसलमान घुसपैठिये हैं, उनको देश छोड़ना ही चाहिए.

रिजवी ने कहा कि एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कांग्रेस और उसकी जैसी पार्टियों ने हिंदुस्तानी मुसलमानों से करवा कर सड़कों पर उनका खून बहाया है. उन्होंने कहा कि अभी हाल में कई प्रदेशों में जो उग्र प्रदर्शन हुए हैं, वह साजिश के तहत कराए गए हैं.