नई दिल्ली: पिछले दो दिन से एक खबर सोशल मीडिया और मीडिया में ज़ोर शोर से थी कि अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) के दो हज़ार फीट नीचे टाइम कैप्सूल (Time Capsule) दफनाया जाएगा, जिससे मंदिर का इतिहास पता चले. ये खबर खूब वायरल हुई, वहीं अब खुद राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट ने ही इस खबर का खंडन किया है. Also Read - UP: अयोध्या में कोरोना के चलते रामनवमी मेला स्थगित, सीमाएं सील होंगी, हरिद्वार कुंभ के संतों को प्रवेश की इजाजत नहीं

राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के प्रमुख चम्पत राय (Champat Rai) ने कहा कि ये खबर पूरी तरह से अफवाह है. राम मंदिर के नीचे ऐसा कोई टाइम कैप्सूल दफनाने नहीं जा रहा है. चम्पत राय ने कहा कि इस तरह की खबरों और अफवाहों से बचना चाहिए. ये सब मनगढ़ंत बातें हैं. सिर्फ आधिकारिक बयानों पर ही यकीन किया जाना चाहिए. और ऐसा ट्रस्ट ने ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और न ही जारी किया है. Also Read - राम जन्मभूमि अयोध्या में रामायण युग से जुड़े पांच तालाबों का होगा कायाकल्प, ये है सरकार की योजना

बता दें कि पिछले दो दिन से एक खबर खूब वायरल हो रही थी. न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के हवाले से आई इस खबर में कहा गया था कि पीएम मोदी पांच अगस्त को टाइम कैप्सूल रखे जाने की प्रक्रिया का शुभारम्भ करेंगे. ये भी कहा गया था कि इस कैप्सूल में मंदिर का पूरा इतिहास होगा और हज़ारों साल बाद भी अगर कोई मंदिर के इतिहास के बारे में जानना चाहेगा तो टाइम कैप्सूल से पूरी जानकारी मिलेगी. अब ट्रस्ट ये कहा कि ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है. Also Read - अयोध्या में 5 तालाबों का होगा जीर्णोद्धार, रामायण युग के बताए जाते हैं ये सरोवर