NCR वालों सावधान! नोएडा में बिना इजाजत की क्रिसमस & न्यू ईयर पार्टी तो तत्काल होगी बंद, पढ़िए निर्देश

नोएडा में त्योहारों पर बड़ी पार्टियां आम हैं, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम जरूरी माना जा रहा है. आयोजक समय रहते अनुमति लें, तो उत्सव बिना किसी रुकावट के मनाया जा सकता है. प्रशासन का लक्ष्य त्योहारों की खुशी को बनाए रखते हुए किसी अप्रिय घटना को रोकना है.

Published date india.com Updated: December 22, 2025 11:03 AM IST
नोएडा पुलिस
नोएडा पुलिस

गौतम बुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) जिले में 25 दिसंबर 2025 को क्रिसमस और 31 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 को नए साल 2026 के आयोजनों को लेकर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इन अवसरों पर होने वाली किसी भी पार्टी, सार्वजनिक कार्यक्रम या मनोरंजन गतिविधि के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बिना अनुमति के आयोजन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह निर्देश 20 दिसंबर 2025 के आसपास जारी किए गए हैं, जब त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा था.

निर्देशों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि बड़े आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं, जिससे आग लगने, भगदड़, अव्यवस्था, कानून-व्यवस्था की समस्या या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा रहता है. पिछले वर्षों में ऐसी घटनाओं के अनुभव और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए यह सख्ती बरती गई है. नोएडा जैसे शहरी क्षेत्र में होटल, पब, रेस्टोरेंट, क्लब, बैंक्वेट हॉल, पार्क या खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

अनुमति की प्रक्रिया क्या है?

आयोजकों को उत्तर प्रदेश सरकार के ‘निवेश मित्र’ पोर्टल या संबंधित विभागों के माध्यम से आवेदन करना होगा. इसमें फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, पुलिस क्लियरेंस और अन्य एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) शामिल करने जरूरी हैं. यदि कार्यक्रम में शराब परोसी जाएगी, तो आबकारी विभाग से अलग से अनुमति लेनी पड़ेगी. आवेदन कम से कम 30 दिन पहले करना अनिवार्य है, ताकि प्रशासन पूरी जांच कर सके. जिला मनोरंजन कर अधिकारी और अन्य टीमों द्वारा स्थलों की जांच की जाएगी.

उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होगी?

बिना अनुमति आयोजन पकड़े जाने पर कार्यक्रम तुरंत बंद कर दिया जाएगा. आयोजकों पर उत्तर प्रदेश चलचित्र अधिनियम या अन्य संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है, जिसमें जुर्माना या कारावास की सजा तक हो सकती है. प्रशासन ने होटल और क्लब संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहें.

यह निर्देश केवल सार्वजनिक या व्यावसायिक आयोजनों पर लागू हैं. निजी पारिवारिक समारोह या छोटे घरेलू उत्सव इससे बाहर हैं, लेकिन यदि वे बड़े स्तर पर हों और सार्वजनिक स्थान शामिल करें, तो अनुमति जरूरी होगी. अन्य जिलों जैसे मेरठ, लखनऊ आदि में भी इसी तरह के निर्देश जारी हुए हैं, जो उत्तर प्रदेश सरकार की सामान्य नीति का हिस्सा लगते हैं.

जिलाधिकारी मेधा रूपम

मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और जुलाई 2025 से गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी हैं. वे जिले की पहली महिला डीएम हैं. इससे पहले वे कासगंज, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं. उनकी कार्यशैली को सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जाना जाता है. इस निर्देश से वे जिले में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं.

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