लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस तकनीकी सेवाओं द्वारा विकसित ‘यूपी कॉप ऐप’ से अब ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है. इसके अलावा, गाड़ियों की चोरी, लूट की घटनाएं, मोबाइल छिन जाने, बच्चों की गुमशुदगी और साइबर अपराध से जुड़े मामले भी इस ऐप के जरिए दर्ज कराए जा सकते हैं. यूपी पुलिस के मोबाइल ऐप ‘यूपी कॉप ऐप’ के माध्यम से अज्ञात लोगों के खिलाफ ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी. लोग किसी सामान या दस्तावेज के गुम हो जाने की सूचना भी इस ऐप के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे. Also Read - रेप का अजीबो-गरीब मामला- 6 साल के लड़के पर साढ़े पांच साल की बच्ची से बलात्कार का आरोप

एडीजी (तकनीकी सेवा) आशुतोष पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि अभी तक इस ‘यूपी कॉप ऐप’ के माध्यम से समूचे प्रदेश में करीब 1500 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और धीरे-धीरे यह ऐप जनता के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है. उन्होंने बताया कि अभी तक सामान्यत: ऐसे मामलों में समय से एफआईआर दर्ज न होने पर पीड़ित को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए इन मामलों की त्वरित एफआईआर के लिए यह सुविधा शुरू की गई है. संबंधित पुलिस कार्मिकों के डिजिटल हस्ताक्षर के साथ पीड़ित को एफआईआर की कॉपी उसके ई-मेल पर उपलब्ध करा दी जाएगी. उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा देने वाला यूपी देश का पहला राज्य है. Also Read - सात महीने बाद सिर्फ एक दिन के लिए खुला 'बांके बिहारी मंदिर', फिर से बंद किए गए कपाट, ये है बड़ी वजह

ई-सुरक्षा के लिए पूरी गाइडलाइन भी उपलब्ध
यूपी कॉप मोबाइल एप पर ई-सुरक्षा के लिए पूरी गाइडलाइन भी उपलब्ध होगी. इसमें एटीएम कार्ड, वन टाइम पासवर्ड, फर्जी फोन कॉल के जरिए होने वाले फ्रॉड को लेकर किस तरह सचेत रहें, यह बताया गया है. एटीएम बूथ में किस तरह की सावधानी बरती जाए, एटीएम से पेमेंट करते समय खास सावधानी बरतने समेत 26 तरह से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के बारे में बताया गया है. ऐप पर आरबीआई की गाइडलाइन भी दी गई है जिसमें सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग और उपभोक्ता की जिम्मेदारी की जानकारी दी गई है. Also Read - UP News: जमीन हड़पने की साजिश के तहत पुजारी ने ही खुद पर चलवाई थी गोली, पुलिस ने 7 को किया गिरफ्तार