लखनऊ/देहरादून: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के सचिव जीआर नौटियाल के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के लिए हलद्वानी के रहने वाले एक व्यक्ति पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया.

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मामले में कड़ा रूख अपनाते हुए न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने फेसबुक पर पोस्ट डालने वाले चंद्र शेखर कारगेती पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया और इस संबंध में दायर प्राथमिकी के आधार पर पूर्व में अदालत में चल रही सुनवाई पर दिया गया स्थगनादेश भी हटा दिया. उच्च न्यायालय ने इस आरोप को सही पाया कि कारगेती ने नौटियाल को बदनाम करने के लिए फेसबुक पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डाली. नौटियाल सामाजिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक भी हैं .

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आरोपी के खिलाफ लिखाई थी रिपोर्ट
इससे पहले, नौटियाल ने मामले में कारगेती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी जिसमें कहा गया था कि कारगेती उनके खिलाफ झूठे, आधारहीन और गलत आरोपों वाली पोस्ट कर रहा है जिससे ऐसा प्रदर्शित हो रहा है कि वे भ्रष्ट अधिकारी हों. नौटियाल ने प्राथमिकी में कहा कि इससे वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं और उन्हें अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी परेशानी हो रही है.  (इनपुट एजेंसी)