नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने मंगलवार को सपा और बसपा कार्यकर्ताओं से पुराने मतभेद भुलाकर आगामी लोकसभा चुनाव में इन पार्टियों के गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताने की अपील की. मायावती ने अपने 63 वें जन्मदिवस पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह सपा और बसपा के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करती हैं कि वे पुराने आपसी मतभेद भुला दें और अगले लोकसभा चुनाव में सपा तथा बसपा के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करें. यही उनके लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा होगा.

मालूम हो कि सपा और बसपा ने अपनी 23 साल पुरानी दुश्मनी भुलाते हुए आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए गत शनिवार को परस्पर गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों ने प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. गठबंधन में हालांकि कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है लेकिन इस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी और इस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए क्रमशः अमेठी और रायबरेली की सीटें छोड़ दी गई हैं.

मायावती ने बसपा-सपा गठबंधन को ‘नई राजनीतिक क्रांति का आगाज’ करार देते हुए कहा कि इस गठबंधन से ‘गुरु-चेला’ (नरेंद्र मोदी और अमित शाह) की नींद उड़ जाएगी. नए वर्ष में यह एक प्रकार की नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत है. इस गठबंधन से समाज की बहुत उम्मीदें जग गई हैं. यह सिर्फ दो पार्टियों का मेल नहीं है बल्कि सर्वसमाज (दलित, पिछड़ा, मुस्लिम, आदिवासी, गरीबों, किसानों और नौजवानों) का मेल है. यह सामाजिक परिवर्तन का बड़ा आंदोलन बन सकता है.