Opinion: गाजियाबाद हो या गाजीपुर...अपराधियों के लिए काल बन रही यूपी पुलिस
यूपी में लगातार एक्शन से साफ है कि योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अपराध करोगे तो उसका हश्र भी भुगतना होगा. हाल में हुए कई एनकाउंटर इस बात की गवाही दे रहे हैं.
डॉ. सुनील कुमार मिश्र | उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की हत्या के आरोपियों पर यूपी पुलिस का शिंकजा कसता जा रहा है. इस मामले में एक लाख रुपये का इनामी कमलेश चौधरी बुधवार देर शाम पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया. इस हत्याकांड में अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस जोरों से कर रही है. मालूम हो कि अपराध पर लगाम लगाने के लेकर यूपी पुलिस लगातार एक्शन में है. गाजीपुर से पहले गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान हत्याकांड में भी मुख्य आरोपी असद भी पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो चुका है. इस तरह के एक्शन से साफ है कि योगी सरकार में अपराधी अपने करतूतों को अंजाम देकर चैन से नहीं बैठ सकते हैं.
परिवार ने लगाई थी गुहार
गाजीपुर में होटल व्यवसाय करने वाले आलोक राय का आरोप था कि उनसे एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी. पैसा नहीं देने पर 29 मई को आलोक राय के बेटे विनीत राय की होटल के बाहर चार नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी. इस मामले में शंकर पाण्डेय, जगदीश सिंह यादव उर्फ सोनू यादव, आलोक दुबे और कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के नाम मुकदमा दर्ज हुआ था. पुलिस ने इनपर इनाम भी रखा था. वहीं पीड़ित परिवार ने नाराजगी जाहिर कर कहा था कि हम हर साल करोड़ों का टैक्स देते हैं फिर भी सुरक्षित नहीं हैं. परिवार की लगातार गुहार के बीच 3 जून की शाम गाजीपुर पुलिस ने चार आरोपियों में से एक कमलेश चौधरी को ढेर कर दिया.
सरेंडर से कर दिया था इनकार, पुलिस पर की थी फायरिंग
पुलिस और आरोपी कमलेश के बीच कोतवाली क्षेत्र के कुर्था स्थित पौहारी बाबा आश्रम के पास मुठभेढ़ हुई. पुलिस को जानकारी मिली थी कि कमलेश पौहारी बाबा आश्रम के पास छिपा हुआ है. पुलिस ने घेराबंदी कर कमलेश को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी. जिसमें स्वाट टीम प्रभारी रोहित मिश्रा को गोली लग गई और वह घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें कमलेश चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद भी ढेर
यूपी में लगातार एक्शन से साफ है कि योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अपराध करोगे तो उसका हश्र भी भुगतना होगा. गाजीपुर से पहले गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में बकरीद के दिन सूर्या चौहान की चाकूओं से की गई हत्या में भी मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर भी इसी की गवाही देता है. पुलिस ने सूर्या चौहान की हत्या के बाद असद पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था. सूर्या चौहान की हत्या के बाद उसका परिवार सख्त एक्शन की मांग कर रहा था. वहीं असद के एनकाउंटर के बाद अब उसके घर बुलडोजर एक्शन की तैयारी है. अपराधियों पर हो रही लगातार कार्रवाई से जनता में संदेश साफ गया है कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध कर राजनीतिक संरक्षण पाने वाले अपराधियों के दिन लद गए हैं.
(लेखक डॉ. सुनील कुमार मिश्र अतर्रा पीजी कॉलेज, बांदा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं.)
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें