गोरखपुर (उत्तर प्रदेश). संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के अब 25 जनवरी को पद्मावत नाम से रिलीज किये जाने की घोषणा के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में फिल्म की रिलीज को लेकर कुछ नहीं कहा. उत्तर प्रदेश में फिल्म के प्रदर्शन को लेकर कल मीडियाकर्मियों द्वारा सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भविष्यवक्ता नहीं हैं.

पिछले साल नवंबर में गोरखपुर आये योगी ने आरोप लगाया था कि अभिनेताओं को धमकियां देने वालों की बात की जाए तो भंसाली उनसे कम दोषी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्रवाई होती है तो दोनों पक्षों के खिलाफ होगी. योगी ने कहा था कि भंसाली जनभावनाओं से खेलने के आदी हो चुके हैं.

राज्य सरकार ने कहा था कि जब तक फिल्म के कुछ विवादास्पद हिस्से हटाये नहीं जाते, इसका प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा. फिल्म का नाम पहले पद्मावती था लेकिन अब इसका नाम बदलकर पद्मावत कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है. चाहे संजय लीला भंसाली हों या फिर कोई अन्य.

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उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अगर (कलाकारों को) धमकी देने वाले दोषी हैं तो भंसाली भी कम दोषी नहीं हैं.’ फिल्म 16वीं सदी के सूफी कवि मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत और राजपूत रानी पद्मावती पर आधारित है. पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच रुमानी सपने के दृश्य को लेकर फैली अफवाहों के बाद विभिन्न राजपूत एवं अन्य संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ और जन भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए राजस्थान सहित देश के अन्य हिस्सों में फिल्म के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया था.

इतिहासकार हालांकि इस बारे में एकमत नहीं हैं कि रानी पद्मावती का अस्तित्व था. मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद गुजरात तीसरा ऐसा राज्य हो गया है, जिसने इस विवादित बॉलीवुड फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगायी है. फिल्म में रानी पद्मावती का किरदार दीपिका पादुकोण ने निभाया है. शाहिद कपूर महाराज रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में हैं.