लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट और यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट द्वारा दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में ट्रस्ट की धनराशि निवेश किए जाने के मामले में शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला किया.

प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार की ओर से जारी सरकारी आदेश में कहा गया कि यूपी पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट और यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट द्वारा भारत सरकार की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों के विपरीत ट्रस्ट की धनराशि का निवेश किया गया है जिसके संबंध में एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों पर विधिक कार्यवाही की जा रही है.

इसमें कहा गया कि यूपी पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट और यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट के स्तर से दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में निवेश की गई धनराशि समय से वापसी के लिए समस्त विधिक कदम उठाए जाएंगे तथा धनराशि वापस मिलने पर उसका नियमों के अनुकूल निवेश सुनिश्चित किया जाएगा.

कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के दौरान अगर कोई दिक्कत आती है और ट्रस्ट देयकों के निर्वहन में खुद को अक्षम पाता है तो सामयिक भुगतान सुनिश्चित करने के लिए वांछित धनराशि प्रथमतः यूपीपीसीएल अपने स्रोतों से देगा. सरकारी आदेश में कहा गया कि किन्हीं परिस्थितियों में अगर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड भी ट्रस्ट को धनराशि उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं होता तो राज्य सरकार से आवश्यकतानुसार राशि यूपीपीसीएल को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी.

सरकारी आदेश में कहा गया कि निवेश को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में उनके द्वारा जमा कराई गई धनराशि की वापसी के संबंध में व्याप्त आशंकाओं एवं रोष को देखते हुए उनके समाधान के लिए शासन ने कुछ फैसले किए.