लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के कई सदस्यों से अभद्रता करने, उनकी तथा सदन की अवमानना करने के आरोपी पीलीभीत जिले के पुलिस अधीक्षक ने आज सभापति के कक्ष में अपने व्यवहार को लेकर माफी मांगी. पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह को अवमानना मामले में सदन में अपराह्न एक बजे पेश होना था. निर्धारित समय पर अधिष्ठाता यज्ञदत्त शर्मा ने सदन को बताया कि इस प्रकरण को लेकर आज पूर्वाह्न 10 बजे सभापति के कक्ष में एक बैठक बुलाई गई. इसमें सभापति रमेश यादव के अलावा नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, नेता विपक्षी दल अहमद हसन तथा कुछ अन्य सदस्य भी शामिल हुए. Also Read - निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 157 लोगों की यूपी में तलाश, 8 इंडोनेशियाई बिजनौर की मस्जिद में मिले

एसपी ने मौखिक रूप से मांगी माफी
इस बैठक में प्रकरण को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ. बैठक में शामिल सभी सदस्यों के सामने पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक उपस्थित हुए और उन्होंने मौखिक तथा लिखित रूप से माफी मांगी. सभी सदस्यों ने इस पर निर्णय के लिये सभापति को अधिकृत किया. अधिष्ठाता ने बताया कि सभापति ने अवमानना करने वाले पुलिस अधीक्षक द्वारा मांगी गयी बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया है. सभापति ने सरकार से कहा कि वह प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों तथा जिला पुलिस प्रमुखों को सदन की भावना से अवगत कराए कि भविष्य में सदन के सदस्यों के प्रति वह सम्मान व्यक्त करें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. Also Read - Corona के खिलाफ जंग: PM मोदी को होती है हर केस की जानकारी, वार रूम की तरह काम कर रहा PMO

सपा-बसपा-कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में लहराए काले बैनर, कार्यवाही कल तक स्थगित Also Read - COVID-19: कोरोना को लेकर पूर्वांचल में डर, प्रवासी बढ़ा सकते हैं यूपी सरकार की परेशानी

ये है पूरा मामला
मालूम हो कि सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने कल विशेषाधिकार हनन के तहत यह मामला उठाते हुए कहा था कि उन्होंने गत 21 अगस्त को पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण सिंह को किसी काम से टेलीफोन किया था. उस वक्त पता लगा कि वह जिलाधिकारी के साथ कहीं गए हैं. उन्होंने जिलाधिकारी अखिलेश कुमार मिश्र को फोन करके पुलिस अधीक्षक से बात कराने को कहा. जिलाधिकारी ने एसपी को फोन दिया, मगर उन्होंने फोन बंद कर दिया. पुलिस अधीक्षक ने सभापति रमेश यादव से भी फोन पर गलत व्यवहार किया. यह विधान परिषद के सदस्य और सदन की अवमानना है.

ऐसा बर्ताव सदस्य व सदन की अवमानना है
शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा, बसपा सदस्य दिनेश चन्द्र, कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह, अपना दल के आशीष कुमार और भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप ने प्रकाश की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि किसी सरकारी अधिकारी द्वारा उच्च सदन के सदस्य के साथ ऐसा बर्ताव किया जाना अवमानना का मामला है. सभापति रमेश यादव ने सदस्यों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए पुलिस अधीक्षक सिंह को आज अपराह्न एक बजे सदन में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए थे.