जनकपुर: पीएम नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने शुक्रवार को एक-साथ हिंदुओं के दो पवित्र तीर्थ स्थलों- जनकपुर और अयोध्या के बीच सीधी बस सेवा का उद्घाटन किया. मोदी ने इस बस सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा, जनकपुर और अयोध्या जोड़े जा रहे हैं. यह बस सेवा नेपाल और भारत में तीर्थाटन को बढ़ावा देने से संबंधित रामायण सर्किट का हिस्सा है. इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने मंदिर परिसर में मोदी के पहुंचने पर उनका स्वागत किया.

मोदी ने 20वीं सदी के प्रसिद्ध जानकी मंदिर में पहुंचने और पूजा-अर्चना करने के बाद रामायण सर्किट के दो तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली इस बस सेवा का शुभारंभ किया.

जनकपुर आकर बहुत खुश हूं
इस मौके पर पीएममोदी ने कहा, ”जनकपुर आकर मैं बहुत खुश हूं. मैं राजा जनक और माता जानकी के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए यहां आया हूं. मैं जनकपुर की इस यात्रा के दौरान साथ देने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री श्री ओली को धन्यवाद देता हूं.” मोदी का स्वागत करने के लिए जानकारी मंदिर परिसर में हजारों लोग पहुंचे थे. जानकी मंदिर बहुत सुंदर लग रहा था और उसे रोशनी से सजाया गया था.

4860 वर्गफुट क्षेत्र में फैला जानकी मंदिर
जनकपुर भगवान राम की पत्नी देवी सीता के जन्मस्थान के रुप में जाना जाता है. जानकी मंदिर का निर्माण 1910 में सीता की स्मृति में बनाया गया था. यह तीन मंजिला मंदिर पूरी तरह पत्थर से बना हुआ है और 4860 वर्गफुट क्षेत्र में फैला हुआ है.

जनकपुर में अगवानी
प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल की ये तीसरी और इस साल नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद से भारत से पहली उच्च स्तरीय यात्रा है.जनकपुर में हवाई अड्डे पर मोदी के पहुंचने पर नेपाल के रक्षा मंत्री इश्वर पोखरेल और द्वितीय प्रांत के मुख्यमंत्री लालबाबू राउत ने उनकी अगवानी की.
ये है रामायण सर्किट
भारत सरकार ने रामायण सर्किट परियोजना के तहत विकास के लिए 15 स्थलों– अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट (उत्तर प्रदेश), सीतामढ़ी, बक्सर, दरभंगा (बिहार), चित्रकूट (मध्यप्रदेश), महेंद्रगिरि (ओड़िशा), जगदलपुर (छत्तीसगढ़), नासिक और नागपुर (महाराष्ट्र), भद्रचलम (तेलंगाना), हंपी (कर्नाटक) और रामेश्वरम (तमिलनाडु) का चयन किया है.

(इनपुट एजेंसी)